आजमगढ़। नगर में नए साल को लेकर लोगों द्वारा काफी पहले से तैयारियां की गई थी। इस दौरान नगर में कई स्थानों पर प्राइवेट संस्थानों पर नए साल के जश्न का आयोजन किया गया था। जिसमें लोगों के मनोरंजन के लिए बाहर से कलाकारों को बुलाया गया था।
नगर के जजी मैदान में एक संस्था की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जिसमें बाहर से आए कलाकारों ने नए साल के जश्न में चार चांद लगाया। वहीं नगर के रैदोपुर स्थित होटल ग्रैंड एसआर में बोनफायर थीम का आयोजन किया गया था। जनपद में पहली बार किसी होटल में इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।
जिसके कारण इसे देखने वालों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली। इस दौरान वैली डांस, ग्रुप डांस, जादू शो आदि के कार्यक्रम आयोजित हुए। इन कार्यक्रमों के आयोजन के लिए बाहर से कलाकारों को बुलाया गया था। जश्न के मौके पर मौजूद लोगों ने कार्यक्रम के साथ ही लजीज व्यंजनों का भी लुत्फ उठाया। देर रात तक युवा और अन्य लोग नए साल के जश्न में डूबे रहे। जैसे ही घड़ी ने 12 बजाए लोगों ने एक दूसरे को नए साल की बधाई दी। इस दौरान होटल परिसर में ही जमकर आतिशबाजी भी की गई।
रविवार को पुराने साल को विदाई देने और नए साल के स्वागत में जनपद में जगह-जगह लोगों ने अपने हिसाब से कार्यक्रम का आयोजन किया। वहीं नए साल के पहले दिन की शुरूआत ज्यादातर लोगों ने मंदिरों में मत्था टेककर किया। इस दौरान लोगों ने ईश्वर से परिवार के सुख-समृद्घि की कामना के साथ ही नए साल को अच्छी तरह से गुजारने की कामना की। नए साल के स्वागत में रविवार को कई जगहों पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसमें देर रात युवा ठुमके लगाते रहे।
इसके साथ ही युवाओं द्वारा जगह-जगह डीजे आदि लगाकर भव्य तरीके से नए साल का स्वागत किया गया। रात जहां युवाओं की नाचते-गाते बीती वहीं नए साल के पहले दिन सोमवार को उन्होंने नगर क्षेत्र स्थित मंदिरों में मत्था टेककर नए साल शुरुआत की। नए वर्ष पर मंदिरों को विद्युत झालरों और फूलमालाओं से सजाया गया था। मंदिर में दर्शन को पहुंचे लोगों ने वहां चल रहे भजन-कीर्तन और रामायण पाठ में भी हिस्सा लिया।
वहीं नगर के भरनाथ मंदिर में रविवार को आयोजित अखंड रामायण पाठ का समापन हुआ। इस दौरान गायक कलाकार राजेश रंजन ने अपने भजनों के माध्यम से लोगों को झूमने के लिए विवश कर दिया। शाम होते ही मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्घालुओं ने भाग लेकर प्रसाद ग्रहण किया। सुबह से ही एक-दूसरे को बधाई देने और संदेश भेजने का क्रम शुरू हो गया।