आजमगढ़। सूबे के सभी मंडलों में आयोजित होने वाले दलित सम्मेलन की शुरूआत आजमगढ़ से 11 जुलाई को होगी। क्योंकि यह धरती हमारे नेता जी का संसदीय क्षेत्र है। सम्मेलन में दलितों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं से उन्हें अवगत कराया जाएगा। ये बातें शनिवार को समाजवादी अनुसूचित जाति और जनजाति प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष पासी ने जिला पंचायत अध्यक्ष के आवास पर पत्रकारों से कही।
उन्होंने कहा कि आजमगढ़ मुलायम सिंह यादव का संसदीय क्षेत्र है, इसलिए दलित सम्मेलन का आगाज यहीं से होगा। कुछ लोगों द्वारा यह आरोप लगाया जाता है कि सपा बसपा के वोट बैंक में सेंध लगाने का प्रयास कर रही है। यह गलत है दलित कभी बसपा के वोटबैंक थे ही नहीं। क्योंकि बहुत सी ऐसी जातियां हैं जो कभी बसपा से जुड़ी ही नहीं। वैसे भीसपा सरकार ने दलितों को सबसे ज्यादा फायदा पहुंचाया है। समाजवादी पेंशन का लाभ सबसे अधिक दलितों केे ही मिला है। हमारा यह प्रयास है कि दलितों को ज्यादा से ज्यादा फायदा पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि आजमगढ़ के बाद अगला सम्मेलन वाराणसी में होगा, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है। इसमें मुख्यमंत्री अखिलेश यादव स्वयं भाग लेंगे। छह दिसंबर को लखनऊ में अंबेडकर परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर दलित महासम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर परिवहन मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव, सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव, एसके सत्येन, अनुसूचित जाति और जनजाति प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव डा. गोविंद राम, अनुसूचित प्रकोष्ठ के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गौरव कुमार रावत आदि उपस्थित थे।