श्रीनगर के कुलगाम बार्डर पर तैनात सीआरपीएफ के जवान का शव मंगलवार को उसके पैतृक गांव देवगांव कोतवाली क्षेत्र के कैथीशंकरपुर गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। दरवाजे पर उमड़ी क्षेत्रीय लोगों की भीड़ के बीच जवान की 10 वर्षीय बेटी ने पापा के शव से लिपटकर बिलखते हुए कहा, ‘पापा बस एक बार आप बोल दीजिए’। बालिका के मुंह से निकली इस बात ने सभी के दिल को झकझोर दिया। इस मौके पर लोग अपने आंसू नहीं रोक पाए। अंत में जवान को सलामी देकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
देवगांव कोतवाली क्षेत्र के कैथीशंकरपुर गांव निवासी श्यामशेर राम के छह बेटों में बड़ा अनिल कुमार (35) सीआरपीएफ 148 बटालियन चंदौली का जवान था। भारत-पाकिस्तान के बीच उपजे तनाव को देखते हुए उसकी भी ड्यूटी बार्डर पर लगाई गई थी। अनिल श्रीनगर के लालपुरा थाना क्षेत्र के कुलगाम बार्डर पर उसकी ड्यूटी थी।
तीन सितंबर को अनिल की तबियत खराब होने पर उसे आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत में सुधार न होने पर उसे जम्मू बाद में दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती कराया गया। जहां सोमवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। ट्रेन से अनिल का शव वाराणसी रेलवे स्टेशन पर लाया गया। वहां से सीआरपीएफ बटालियन चंदौली के एबुलेंस से मंगलवार की दोपहर शव उसके घर ले जाया गया। अनिल के शव पहुंचने की सूचना पर क्षेत्र के लोगों की दरवाजे पर भीड़ जुट गई।
पिता श्यामशेर के अलावा भाई सुनील, सतीश, चंदन, अर्जुन, राहुल, पत्नी माधुरी दहाड़े मारकर रोने लगी। अनिल दो बेटी और एक नवजात बच्चे का पिता था। भीड़ के बीच अनिल की 10 वर्षीय बेटी सगुन ने शव से लिपटकर कहा कि पापा बस एक बार हमसे बात कर लीजिए। बच्ची के मुंह से निकले इस शब्द ने सभी का कलेजा द्रवित कर दिया। अनिल के शव को लेकर आए सीआरपीएफ के एसआई कुंवर बहादुर सिंह के नेतृत्व में जवानों ने उसे पुष्प अर्पित कर सलामी दी। अंतिम संस्कार कर दिया गया।