मुबारकपुर में पकड़े गये साईबर क्राईम के आरोपी के बारे में जानकारी देते एसपी त्रिवेणी सिंह।
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आजमगढ़। बायोमेट्रिक के जरिये धोखाधड़ी कर लोगों के खातों से लाखों रुपये निकालने वाले ग्राहक सेवा केंद्र संचालक आशीष राजभर को मंगलवार की सुबह मुबारकपुर थाने की पुलिस ने सठियांव बाजार से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आशीष ने अपना जुर्म स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर फिंगर प्रिंट स्कैनर, लैपटॉप, मोबाइल, बैंक पासबुक आदि बरामद हुआ।
एसपी त्रिवेणी सिंह के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी आशीष राजभर पुत्र कालिका राजभर है। वह जहानागंज थाने के महुआ मुरारपुर गांव का निवासी है। एसपी ने बताया कि आशीष के गांव की रहने वाली सुखा देवी पत्नी छोटेलाल ने सोमवार को जहानागंज थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराकर आशीष राजभर को आरोपित किया था। पीड़िता का आरोप था कि आरोपी गांव के पास ग्राहक सेवा केंद्र चलाता है। उसने खाता नंबर पूछकर खाते से रुपये निकाल लिया। रुपये सुखा देवी के अलावा गांव के अन्य कई लोगों के खाते से भी रुपये निकाला है। मंगलवार को प्रभारी निरीक्षक मुबारकपुर अखिलेश मिश्रा ने आशीष राजभर को सठियांव बाजार से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आशीष की निशानदेही पर एक फिंगर प्रिंट स्कैनर, लैपटॉप, डेस्कटॉप, सीपीयू, कलर प्रिंटर, दो मोबाइल और एक बैंक पासबुक बरामद कर ली। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि ग्राहक सेवा केंद्र पर आने वाले कम पढ़े लिखे लोगों का पैन कार्ड, राशन कार्ड, आधार कार्ड बनवाने और अपडेट करने के बहाने उनका फिंगर स्कैन कर बायोमेट्रिक से स्पाइस मनी डिजिटल पेमेंट के माध्यम से आरबीएल बैंक बैलेंस में एईपीएस के माध्यम से उनके खाते से पैसा ट्रांसफर कर लेता था। बाद में स्पाइस मनी डिजिटल से अपने खाते में ट्रांसफर कर निकाल लेता था। आरोपी अब तक कई लोगों के खाते से लाखों रुपये निकाल चुका है।