हड़ताल खत्म होने के बाद जब बुधवार को बैंक खुले तो लोगों की भारी भीड़ लग गई थी। पैसे निकालने व जमा करने के लिए लम्बी कतारें लग गई थी। कर्मचारी भी एक-एक कर लोगों का काम निपटाते नजर आए।
शनिवार व रविवार का बैंको का अवकाश था। सोमवार और मंगलवार को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया व प्राइवेट बैंकों को छोड़कर सभी बैंक कर्मचारी ट्रेड यूनियन के आह्वान पर दो दिवसीय हड़ताल पर चले गए थे। लगातार चार दिन बैंक बंद हो गया था। पैसे निकालने के लिए एटीएम ही एक मात्र विकल्प था लेकिन सोमवार को ही शाम होते-होते एटीएम भी खाली हो गए। ऐसे में लोग पैसे निकालने के लिए काफी परेशान हो गए थे। रोज की भांति जब बुधवार को बैंक खुले तो रूपये निकालने के लिए लोगों की भीड़ लग गई। यूनियन बैंक, बड़ौदा ग्रामीण बैंक, सेंट्रल बैंक, पीएबी, इंडियन बैंक सहित आदि बैंकों में लेनदेन के लिए धक्का मुक्की होती रही। कर्मचारी भी एक- एक कर लोगों के काम निपटाते रहे।