रौनापार थाने के रोशनगंज दलित बस्ती और अजगरा मगरवी नैनीजोर गांव मुस्लिम बस्ती और चांद सपहा गांव निवासी 13 लोगों की 44 रिहाईशी मड़ईयां सोमवार की सुबह अबूझहाल में आग लगने से जलकर राख हो गई।
मड़ई में रखी नगदी, कीमती सामान, खाद्यान्न, कपड़े आदि जलकर राख हो गए। ग्रामीणों ने मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस घटना के बाद तेरह परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए।
घाघरा नदी के तराई क्षेत्र में स्थित रोशनगंज दलित बस्ती निवासी रामजीत के घर में सोमवार को संदिग्धाहाल में आग लग गई। तेज हवा से अन्य मड़ईयों में आग लग गई। जब तक घटना पर काबू पाया जाता कि 28 मड़ईयां और इनमें रखे रुपया, खाद्यान्न, कपड़े, टीवी. पंखा, साइकल आदि जलकर नष्ट हो गया।
वहीं, अजगरा मगरवी नैनीजोर गांव निवासी अब्बास, इब्राहिम, अकबर, जुल्फेकार, वसीर और रियाज की रिहाईशी मड़ईयों में सुबह संदिग्धाहाल में आग लग गई। इन लोगों की 11 रिहाईशी मड़ईयां जली। साथ ही अंदर रखे गए गृहस्थी के सामान भी जलकर नष्ट हो गया।
चांदसपहा गांव निवासी कौशिल्या मौर्य, भीम पटेल और रामकेश की रिहाईशी मड़ई में आग लग गई। जब तक लोग आग पर काबू पाते कि चार किसानों का छह बीघा गेहूं जलकर नष्ट हो गया। गांव वालों ने किसी तरह से हालात पर काबू पाया। पीड़ितों में जोगेंद्र सिंह, दूधनाथ, कल्पू और मैनूद्दीन का नाम शामिल है।
अहरौला ः थाना क्षेत्र के पक्खनपुर गांव में सोमवार की शाम शार्टसर्किट से आग लगने से दो किसानों का गेहूं और गन्ने की फसल जलकर नष्ट हो गई। गांव वालों ने किसी तरह से आग बूझाया।
पीड़ितों में पक्खनपुर गांव निवासी राजेंद्र सिंह का डेढ़ बीघा गेहूं और राजकुमार का 10 बिस्वा गन्ने की फसल जलकर नष्ट हो गई। इनका आरोप है कि खेत के ऊपर से हाईटेंशन तार गुजरा है। तार काफी नीचे और ढीला है।
तेज हवा के चलते अक्सर स्पार्किंग होते रहती है। कई बार बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों से शिकायत की गई। लेकिन तारों का मरम्मत नहीं हो सका।