आरोपी के कब्जे से मोबाइल बरामद किया गया है। इस मामले में कोतवाली में धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र, सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम और आईटी एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
आलोक पटेल को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। विवेचना के दौरान नकल कराने वाले गिरोह से जुड़े वीरेंद्र कुमार राय उर्फ बाबू का नाम सामने आया। पुलिस ने मंगलवार को उसे आजमगढ़ के प्राइवेट बस अड्डे से गिरफ्तार कर लिया।
शहर कोतवाल यादवेंद्र पांडेय ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अपने साथियों आनंद पटेल और कुश पटेल, निवासी वाराणसी के साथ मिलकर अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने की व्यवस्था करने वाले लोगों से संपर्क किया था। आलोक पटेल को प्राविधिक मुख्य परीक्षा में पास कराने के लिए छह लाख रुपये में सौदा तय होने की बात सामने आई है। डिवाइस उपलब्ध कराने के बदले 15 हजार रुपये एडवांस लेने का भी दावा किया गया है।
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वाराणसी में भी दर्ज है प्राथमिकी
शहर कोतवाल यादवेंद्र पांडेय ने बताया कि गिरफ्तार वीरेंद्र कुमार राय उर्फ बाबू के खिलाफ वाराणसी के फूलपुर थाने में वर्ष 2021 में भी प्राथमिकी दर्ज है। इसके अलावा वर्तमान मामले में आजमगढ़ की कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज है। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।