लालगंज तहसील के पल्हना ब्लाक में दो महिलाएं फर्जी कागजात पर शिक्षक की ट्रेनिंग ले रही थीं। खंड शिक्षाधिकारी की जांच में यह मामला उजागर हुआ। एबीएसए ने दोनों के विरुद्ध बुधवार को देवगांव कोतवाली में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई। टीईटी पास करने के बाद अप्रैल माह से ट्रेनिंग कर रही इन दोनों महिलाओं के पास से बीएसए द्वारा जारी आदेश की प्रति भी फर्जी निकली। पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
खंड शिक्षाधिकारी पल्हना अरविंद कुमार सिंह के अनुसार, 30 अप्रैल को उनके यहां देवगांव कोतवाली क्षेत्र के कोटाबुजुर्ग गांव निवासी मंजू मिश्रा पुत्री कैलाशनाथ मिश्रा और बलिया जिले के फेफना थाने के नगीना नगर निवासी इंद्रकला यादव पुत्री पारसनाथ सिंह यादव बीएसए का आदेश लेकर पहुंची। टीईटी पास इन दोनों के पास जिला बेसिक शिक्षाधिकारी द्वारा जारी 16 अप्रैल 2015 का आदेश भी था।
एबीएसए अरविंद कुमार ने इंद्रकला यादव को प्राथमिक विद्यालय बेनूपुर और मंजू मिश्रा को प्राथमिक विद्यालय रामपुर में तैनात कर उनकी ट्रेनिंग शुरू करवा दी। पल्हना ब्लाक में इन दोनों के अलावा करीब 40 प्रशिक्षु शिक्षक तैनात हैं। इन्हें मानदेय के रूप में 7300 रुपये प्रतिमाह दिया जाता है। 24 नवंबर को एबीएसए पल्हना कार्यालय में बैठकर अभिलेखों की जांच कर रहे थे। इस दौरान इंद्रकला और मंजू का अभिलेख कूटरचित पाया गया।
दूसरे दिन खंड शिक्षाधिकारी इन दोनों के द्वारा दिए गए बीएसए के आदेश की प्रति देखे तो वह भी अन्य आदेशों से भिन्न था। सारे तथ्यों की जांच परख के बाद 26 नवंबर को एबीएसए ने इनके विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने के लिए देवगांव कोतवाली में तहरीर दी।
बुधवार को पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। कोतवाल देवगांव नागेश उपाध्याय ने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच चौकी प्रभारी पल्हना रामजीयावन यादव को सौंपी गई है।