शहर के लछीरामपुर मुहल्ले में स्थित संजीवनी नर्सिंग होम में 15 मार्च को प्रसव के दौरान नवजात की गर्दन की नस कट जाने से हुई मौत के मामले में डीएम के आदेश पर डाक्टरों की टीम ने जांच शुरू कर दी। शनिवार को जांच के लिए गठित चार डाक्टरों की टीम ने डिप्टी सीएमओ के नेतृत्व में आरोपित महिला डाक्टर अर्चना मैसी का बयान दर्ज किया। जबकि प्रसूता के परिवार वालों को बयान के लिए रविवार को बुलाया गया है।
बताते चलें कि शहर कोतवाली क्षेत्र के तकिया मुहल्ला निवासी हाजी कलामुद्दीन की पत्नी सगीना खातून को प्रसव पीड़ा होने पर 15 मार्च को घरवाले शहर के लछीरामपुर क्षेत्र में स्थित संजीवनी नर्सिंग होम में भर्ती कराए। पीड़ित परिवार का आरोप है कि इससे पूर्व महिला को नार्मल डिलेवरी हुई थी।
भर्ती होने के दौरान भी डाक्टर ने जच्चा बच्चा की स्थिति सही बताया था, साथ ही नार्मल डिलेवरी करने के लिए लेबर रूप में ले गई थी। लेकिन अचानक डाक्टर अर्चना मैसी ने परिवार के लोगों से परामर्श लिए ही प्रसूता का आपेरशन कर प्रसव कराने का निर्णय ले लिया।
उधर, डीएम ने डाक्टरों की टीम गठित कर सीएमओ डा. बीके अग्रवाल से जांच रिपोर्ट मांगी। शनिवार को सीएमओ ने डिप्टी सीएमओ डा. परवेज के नेतृत्व में चार विशेषज्ञ डाक्टरों की टीम गठित की। सीएमओ कार्यालय के गोपनीय कक्ष में कड़ी सुरक्षा के बीच डा. अर्चना मैसी का बयान दर्ज किया गया। पीड़ित हाजी कलामुद्दीन को अपना पक्ष रखने के लिए रविवार को बुलाया गया है।
जांच पूरी होने पर वह रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप देंगे। जो भी कार्रवाई होगी, उनके स्तर से की जाएगी। - डा. बीके अग्रवाल, सीएमओ