कंधरापुर थाना क्षेत्र के देवइ रसूलपुर गांव में सोमवार की सुबह पोखरे में डूबने से दो किशोरियों की मौत हो गई जबकि ग्रामीणों ने एक महिला और दो युवतियों को बचा लिया। परिवार के लोगों ने दोनों किशोरियों का अंतिम संस्कार कर दिया। सभी गोवर्द्धन पूजा के बाद पोखरे में नहाने गए थे।
देवइत रसूलपुर गांव में स्थित पोखरे से मिट्टी निकालकर चकरोड बना दिए जाने से पोखरा काफी गहरा हो गया है। सोमवार को गोवर्द्धन पूजा करके गांव की आयुषी उपाध्याय (14) पुत्री देवनाथ, वर्षा उर्फ झिन्नी (13) पुत्री अरुण तिवारी के अलावा अंजू देवी (32), पूजा (19), रुबी (19) आदि पोखरे में नहाने गई थीं। इस दौरान पांचों नहाते समय पोखरे में डूबने लगीं। पानी में डूबते देख लोग बचाने के लिए पानी में कूद पड़े।
ग्रामीणों ने अथक प्रयास कर अंजू, पूजा और रुबी को बचा लिया जबकि आयुषी और वर्षा की मौत हो गई। दो भाइयों की इकलौती बहन आयुषी कक्षा नौ की छात्रा थी जबकि तीन बहनों में बड़ी वर्षा कक्षा छह में पढ़ रही थी। घटना के बाद दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। परिवार के लोग बगैर पुलिस को सूचना दी। बाद में परिवार के लोगों ने दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया।