महराजगंज कस्बे में गत दिनों हुई सराफा कारोबारी राजेश जायसवाल की हत्या बदले की भावना से की गई थी। इसका खुलासा रविवार को पुलिस लाइन में पत्रकार वार्ता में एएसपी ग्रामीण सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने किया।
बताया कि क्षेत्र के छह बदमाशों ने मिलकर सराफा कारोबारी की हत्या की योजना बनाई थी। इसमें से चार बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जबकि दो अभी भी फरार हैं।
गिरफ्तार बदमाशों के पास से हत्या में प्रयुक्त असलहे, बाइक, 12 हजार में बेची गई सोने की मुहर के रुपये और सोने की दो चेन बरामद हुई है। गिरफ्तार आरोपी और बरामद आभूषण की पहचान मृतक के घर वालों ने भी की है।
गिरफ्तार बदमाशों में महराजगंज थाना क्षेत्र के देवारा हरखपुरा गांव निवासी मुखई यादव, इसी थाने के नहरुमपुर गांव निवासी विजय कुमार, बिलरियागंज कस्बा निवासी गुड्डू वर्मा और बिलरियागंज थाने के अहिरौटी गांव निवासी लालचन यादव शामिल हैं।
जबकि महराजगंज थाने के महेशपुर गांव निवासी दिनेश यादव, इसी थाने के नौबरार त्रिपुरारपुर खालसा गांव निवासी सूबेदार यादव फरार हैं। एएसपी ग्रामीण ने बताया कि 13 दिसंबर की शाम राजेश जायसवाल अपनी दूकान बंद कर घर लौट रहा था।
शाम करीब सात बजे घात लगाए बदमाशों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। साथ ही उसका बैग छीन ले गए, जिसमें कुछ आभूषण थे।
घटना के बाद थानाध्यक्ष महराजगंज चंद्रभाष्कर द्विवेदी, क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम प्रभारी राजेश सिंह को खुलासे के लिए लगाया गया था।
पुलिस टीम ने सर्विलांस, क्षेत्रीय अपराधियों के रिकार्ड, मुखबिर आदि का इस्तेमाल कर इन चारों लोगों को पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए घटना का खुलासा किया।
एएसपी के अनुसार दिनेश यादव के बहन की शादी के लिए उसके पिता जालंधर यादव ने राजेश की दुकान से आभूषण खरीदे थे। लेनदेन को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हो गया था। तभी से दिनेश उसकी हत्या का तानाबाना बुनने लगा था।