आजमगढ़-वाराणसी मुख्य मार्ग पर स्थित गंभीरपुर थाना क्षेत्र के अमौड़ा गांव के पास मंगलवार की रात करीब साढ़े नौ बजे रोडवेज की सिविल लाइन डिपो और दोहरीघाट डिपो की बसों के आमने-सामने हुई टक्कर में मरने वालों की संख्या दो पहुंची। दोहरीघाट डिपो का चालक घटना के कुछ ही देर बाद मर गया था। जबकि उसके बस में सवार यात्री ने इलाज के दौरान वाराणसी में दम तोड़ा। गंभीर रूप से घायल सात लोगों का अभी भी जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। शेष लोग इलाज कराने के बाद अपने घर चले गए।
मरने वालों में प्रशांत (35) पुत्र स्व. फतेहबहादुर मऊ जिले के दोहरीघाट थाना क्षेत्र के सरासो गांव का निवासी था। जबकि संतोष मिश्रा (40) पुत्र वैद्यनाथ वाराणसी शहर का निवासी था। वह एलजी कंपनी का क र्मचारी वैद्यनाथ आजमगढ़ से वाराणसी जा रहा था। हादसे में घायल होने के बाद उसे वाराणसी रेफर कर दिया। जहां देर रात को उसकी मौत हो गई। गंभीर रूप से घायलों में शमशाद (40) बिहार के रोहतास थाना क्षेत्र के खुरमाबाद गांव, कमलेश (्र35) इलाहाबाद जिले के सरौदी, सत्येंद्र (40) बिहार गया, आफताब अहमद (25) मऊ जिले के खैराबाद, उपेंद्र (25) उसका भाई रविंद्र (35) जहानागंज थाना क्षेत्र के कोठवा और सुग्रीव साहनी (40) मऊ जिले के दोहरीघाट थाना क्षेत्र के बेलौली गांव का निवासी है। इनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। शेष 24 से अधिक लोग मामूली रूप से घायल हुए थे। वे लोग इलाज कराकर घर चले गए।
बता दें कि दोहरीघाट डिपो की बस मंगलवार की रात आजमगढ़ से वाराणसी जा रही थी। जबकि सिविल लाइन डिपो इलाहाबाद की बस आजमगढ़ की ओर जा रही थी। गंभीरपुर थाना क्षेत्र के अमौड़ा गांव के पास दोनों बसें अनियंत्रित होकर आमने-सामने टकरा गई। बसों का टक्कर इतना तेज था कि एक बस दूसरे बस की बाडी को चीरते हुए पांच मीटर भीतर तक घुस गई है। घटना के बाद प्रमुख मार्ग पर यातायात बाधित हो गया। सूचना मिलने पर एसडीएम निजामाबाद अनिल कुमार सिंह, सीओ सदर मो. अकमल खां, गंभीरपुर, रानी की सराय थाने की पुलिस को लेकर मौके पर पहुंचे। गांव वालों की मदद से घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। काफी मशक्कत के बाद दोनों बसों को सड़क से हटाकर आवागमन सुचारु करवाया। इस दौरान दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई थी।