जेल में निरुद्ध अपराधियों से फोन पर बात करते हुए उनकी मुखबिरी करने वाले दो सिपाहियों को पुलिस अधीक्षक ने निलंबित कर दिया। सर्विलांस सेल के जरिए यह मामला पकड़ में आने पर एसपी ने यह कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक इस बात की भी जांच करा रहे हैं कि इनके अलावा और कौन-कौन से लोग जो अपराधियों की मुखबिरी कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि जेल में निरुद्ध कुछ बदमाशों का मोबाइल के जरिए नेटवर्क चलने की शिकायतों पर ने एसपी एक सप्ताह पूर्व जेल में छापेमारी की थी। इस दौरान ईंट से दबाकर छिपाई गई मोबाइल बरामद हुई थी। दो दिन बाद डीएम ने भी जेल में छापा मारा। इस दौरान भी एक मोबाइल, चार चार्जर, चाकू, तंबाकू, गुटखा आदि बरामद हुआ था। एसपी ने कुछ संदिग्ध नंबरों को ट्रेस करने के लिए सर्विलांस सेल को लगाया था।
इस दौरान पुलिस लाइन में तैनात दो सिपाही द्विविजेंद्रनाथ तिवारी और सभाजीत सिंह का नंबर ट्रेस किया गया। यह दोनों सिपाही जेल में निरुद्ध एक कुख्यात बदमाश से बात कर रहे थे। अपराधी से फोन पर बात करने की पुष्टि होने के बाद सिपाहियों की गतिविधियों की जांच कराई गई तो पता चला कि यह दोनों सिपाही बदमाश की पेशी पर उसकी काफी मदद करते थे।
सर्विलांस सेल की जांच रिपोर्ट आने के बाद एसपी ने 25 दिसंबर को इन दोनों सिपाही द्विविजेंद्रनाथ तिवारी और सभाजीत सिंह को निलंबित कर दिया। साथ ही विभाग में और कितने ऐसे सिपाही हैं जो अपराधियों की मुखबिरी कर रहे हैं। उसकी जांच करने का निर्देश संबंधित सर्किल के सीओ को दिया है।