मेंहनगर। थाना क्षेत्र के बेनूपुर गांव में गुरुवार की रात शराब पीने के लिए रुपये न देने पर एक पुत्र ने पीट-पीटकर अपनी मां की जान ले ली और शव पर चादर डालकर भाग गया।
शुक्रवार की सुबह घटना की जानकारी होने पर ननिहाल से घर पहुंची उसकी भतीजी ने तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने वृद्धा की लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है।
मेंहनगर थाना क्षेत्र के बेनूपुर गांव निवासी राधिका देवी (70) पत्नी स्व. रामबचन सिंह तीन बेटों की मां थी। उसका बड़ा बेटा अमरनाथ सिंह मुंबई रेलवे में नौकरी करता है जबकि दूसरे बेटे की सितंबर 2015 में हत्या हो चुकी है।
राधिका घर पर अपने छोटे बेटे रविंद्र सिंह उर्फ चुनचुन और बड़ी बहू और उसके बच्चों के साथ रह रही थी। रविंद्र के पत्नी की डेढ़ वर्ष पूर्व मौत हो चुकी है। उसका पांच वर्षीय बेटा भी दादी के साथ रह रहा था। कुछ दिन पूर्व राधिका की बड़ी बहू अपनी बेटी के साथ मायके गई थी।
उसके दो नाबालिग बेटों के अलावा रविंद्र और उसका बेटा भी घर पर ही थे। गुरुवार को रविंद्र अपनी मां राधिका से शराब पीने के लिए रुपये मांगने लगा। राधिका ने रुपये देने से इंकार कर दिया। मां के पैसे न देने से नाराज रविंद्र ने रात करीब नौ बजे अपनी मां राधिका देवी को सोते समय लाठी से हमला कर दिया और पीट पीटकर उसकी हत्या कर दी।
राधिका जब मर गई तो वह शव पर चादर डालकर फरार हो गया। इधर भय के चलते बच्चे मौन साधे रहे। शुक्रवार की सुबह राधिका के पोतों ने आसपास के लोगों और अपनी मां को फोन कर घटना के बार में बताया। हत्या की सूचना मिलने पर पुलिस भी पहुंच गई।
घटना के संबंध में अमरनाथ की बड़ी बेटी चांदनी ने तहरीर देकर अपने चाचा के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। चांदनी का आरोप है कि उसके चाचा शराब पीने के लती थे। वह अक्सर रुपये न देने पर अपनी मां सहित अन्य लोगों को पीटते थे।
एसपी सिटी सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। लाश पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दी गई। पुलिस आरोपी बेटे की तलाश में जुटी हुई है।