कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के चलते हिंसा प्रभावित फरिहां, वनगांव, खुदादादपुर और संजरपुर में अब अमन चैन लौटने लगा है। पुलिस, अर्धसैनिक बलों की सक्रियता, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के लगातार दौरे से लोगों का भरोसा फिर से कायम होने लगा है।
निजामाबाद क्षेत्र के फरिहां, वनगांव, फरिदाबाद, संजरपुर और सरायमीर में कड़ी सुरक्षा के चलते बीते तीन दिनों से कोई हिंसक घटना नहीं हुई है। इससे प्रशासन ने राहत की सांस ली है। कड़ी चौकसी और बड़ी तादाद में फोर्स की तैनाती से आम लोगों में सुरक्षा की भावना पैदा हुई है और लोग घरेलू कार्यों के लिए घर से बाहर निकलने लगे हैं।
सोमवार तक फरिहां की सभी दूकानें बंद थीं, जो बुधवार को खुल गईं और बाजार में आदमरफ्त लौट आई है। खुदादादपुर में लोगों की सहूलियत को देखते हुए एक किराने और दो चाय नाश्ते की दूकान खोली गईं लेकिन अभी लोग निर्भीक होकर सड़कों पर नहीं दिखाई दे रहे हैं। घटनाएं तो थम गईं हैं लेकिन लोगों में अंदर से भय है। बुधवार को सरायमीर में दूकानें तो खुल गई थीं लेकिन सामान्य दिनों की तरह खरीदार नहीं दिखाई दिए।
उधर, आईजी एसके भगत को छोड़ अन्य उच्चाधिकारी लौट गए हैं। आरपीएफ की टुकड़ियां सायरन बजाते हुए वाहनों से लगातार कांबिंग कर रही हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मी तैनात हैं। एहतियात के तौर पर फरिहां से सरायमीर के बीच पांच एंबुलेंस सड़क किनारे लगाई गई हैं। कड़ी सुरक्षा के चलते स्थिति पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया है।
बता दें कि 14 और 15 मई की रात बेकाबू हिंसा होने पर एडीजी लॉ एंड आर्डर दलजीत सिंह चौधरी, आईजी वाराणसी एसके भगत, आईजी एसटीएफ रामकुमार, आईजी एटीएस असीम अरुण, विंध्याचल डीआईजी रमन कुमार श्रीवास्तव ने प्रभावित इलाकों में ही डेरा डाल दिया था। भारी संख्या में पड़ोसी जनपदों से फोर्स मंगा ली गई थी।