मड़ना गांव के कोटेदार और दनियालपुर गांव निवासी युवक को छुड़ाने के लिए शुक्रवार को ग्रामीणों ने अहरौला थाने का घेराव कर दिया और पुलिस के विरोध में नारेबाजी की। लोगों की जिद थी कि जब तक उन्हें नहीं छोड़ा जाएगा, कोई भी थाने से नहीं हटेगा। गांववालों की जिद को देखते हुए पुलिस ने दोनों का शांतिभंग में चालान कर दी। राशन वितरण में धांधली किए जाने पर हंगामा खड़ा हुआ और कोटेदार की सूचना पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया था।
अहरौला थाना क्षेत्र के दनियालपुर गांव निवासी देवेंद्रलाल श्रीवास्तव के नाम पर गांव का कोटा है लेकिन किन्हीं कारणों से देवेंद्र लाल दूकान नहीं चला रहे हैं। एसडीएम बढ़नपुर ने दनियालपुर गांव का कोटा बगल वाले गांव मड़ना के कोटेदार गया प्रसाद यादव के यहां संबद्ध कर दिया।
शुक्रवार को गयाप्रसाद दनियालपुर गांव का राशन वितरण कर रहे थे। इस दौरान तमाम कार्डधारक राशन लेने के लिए इकट्ठा हुए थे। गांववालों का आरोप है कि कोटेदार राशन वितरण में धांधली कर रहे हैं। तौल में न केवल कम राशन दिया जा रहा। बल्कि अधिक मूल्य वसूला जा रहा। किसी भी कार्डधारक को चीनी कभी नहीं मिलती। मिलीभगत के चलते प्रधान और कोटेदार राशन ब्लैक कर देते हैं।
इस दौरान कोटेदार गयाप्रसाद और दनियालपुर गांव निवासी महेंद्र कुमार के बीच नोंकझोंक होने लगी। महेंद्र का गांव के लोग भी समर्थन कर रहे थे। ग्रामीणों के उग्र तेवर को देख कोटेदार ने एसओ अहरौला को फोन किया। कुछ देर में पुलिस पहुंची और महेंद्र के अलावा कोटेदार गयाप्रसाद को हिरासत में लेकर थाने चली गई।
पुलिस के इस कार्रवाई से नाराज दनियालपुर गांव के लोग महेंद्र और मडऩा के लोग कोटेदार को छुड़ाने की मांग करते हुए थाने का घेराव कर दिया। दनियालपुर गांव के लोग पुलिस के विरोध में नारेबाजी करने लगे। हंगामा देख थानाध्यक्ष ने दोनों का शांति भंग में चालान कर दी।