फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किशोरी सहित चार बच्चे अबूझहाल में लापता

Sun, 23 Aug 2015 12:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
थाना क्षेत्र के चकबेरवां गांव से शुक्रवार को सुबह स्कूल गई एक किशोरी समेत चार बच्चों के लापता हो जाने से गांव में हड़कंप है। लापता किशोरी केभाई की तहरीर पर पुलिस ने अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कर ली है। हालांकि अभी तक न तो कहीं से फिरौती मांगने की बात सामने आई है और न ही परिवारवालों ने किसी से रंजिश की बात बताई है।
विज्ञापन

  
चकबेरवां गांव के अवधेश पांडेय का कक्षा पांच में पढ़ने वाला पुत्र कुलदीप पांडेय (11) और उसकी बहन कक्षा दो की छात्रा लक्ष्मी (7) तथा पड़ोसी जितेंद्र पांडेय की कक्षा नौ में पढ़ने पुत्री साक्षी पांडेय (14) तथा उसकी बहन कक्षा तीन की छात्रा शिवांगी (8) शुक्रवार को घर से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित सहदेई इंटर कालेज मेहदवारा के लिए निकले। देर शाम तक इनके घर न लौटने पर परिवारवाले इनकी तलाश में जुट गए। स्कूल के अध्यापकों ने बताया कि बच्चे स्कूल आए ही नहीं थे। इसके बाद घरवालों ने पुलिस को सूचना दी।

शिवांगी केबड़े भाई सचिन पांडेय की तहरीर पर पुलिस ने अपहरण की रिपोर्ट दर्जकर मामले की छानबीन शुरू कर दी। अहरौला थाने के कार्यवाहक प्रभारी एसएन वर्मा ने बताया कि लापता छात्र कुलदीप के पिता कोलकाता में रहते हैं। उसकी मां ममता दो दिन पूर्व चुनकुनी गाजीपुर गांव स्थित अपने मायके गई थी। शुक्रवार की सुबह कुलदीप ने अपने दादा की जेब से 11 सौ रुपये निकाले। उसके बाद चारों बच्चों को सुबह शाहपुर बाजार से आटोरिक्शा में बैठकर अहरौला की तरफ जाते हुए देखा गया है। इसके बाद का लोकेशन नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
विज्ञापन


पुलिस अधीक्षक आकाश कुलहरि ने बताया कि बच्चों के गायब होने मकसद समझ में नहीं आया है। जांच में पता चला कि बच्चे शाहपुर बाजार से आटो में बैठकर अहरौला गए। वहां के सरकारी अस्पताल में जुकाम की दवा मांगी पर दवा नहीं मिली। इसके बाद का कोई लोकेशन नहीं मिला है। पड़ोसी जनपद जौनपुर केशाहगंज जीआरपी और पुलिस को बच्चों की फोटो देकर अलर्ट कर दिया गया है।

कई पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। अपहृत छात्रा के चाचा रमानंद पांडेय ने कहा कि हमारी गांव के किसी भी व्यक्ति से कोई रंजिश नहीं है। ना ही किसी से कभी झगड़ा ही हुआ है। सभी बच्चे चंचल और तेज हैं। वह कैसे और किन परिस्थितियों में गायब हो गए हैं, यह बात समझ में नहीं आ रही।

घर में नहीं जला चूल्हा ः बच्चों के लापता होने केबाद से उनके घरों में चूल्हा नहीं जला। मायके गई कुलदीप की मां ममता बच्चों के लापता होने की सूचना मिलते ही लौट आई। दोनों घरों में महिलाओं का रो-रो कर बुरा हाल था। घरों पर नाते रिश्तेदारों की भीड़ लग गई थी। सारे लोग अपने-अपने स्तर से बच्चों केविषय में जानकारी जुटा रहे हैं। गांव के लोग क्षेत्र में पड़ने वाले तालाब, पोखरा, पोखरी आदि की भी खाक छानते रहे।

टेलीफोन विभाग में काम करती हैं दादी ः लापता कुलदीप पांडेय केपिता अवधेश पांडेय अपनी मां फूलकुमारी केसाथ कोलकाता में रहते हैं। उनकी मां वहां टेलीफोन विभाग में काम करती हैं। उन्हें वहां नेवासा भी मिला हुआ है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें