डीआईजी जेल की जांच में गुरुवार को इस बात का खुलासा हुआ कि जेल में महिला बंदी के साथ बलात्कार नहीं, बल्कि छेड़खानी हुई थी। बंदियों की गुटबाजी के चलते दबाव में महिला ने बंदी रक्षक पर बलात्कार का आरोप लगाते हुए जिला जज को शिकायती पत्र सौंपा है।
डीआईजी जेल गोरखपुर रेंज यादुवेंद्र शुक्ला ने बताया कि रानी की सराय थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला और उसके पति हत्या के मामले में निरुद्ध हैं। जिसकी हत्या के मामले में यह दोनों निरुद्ध हैं, वह युवक महिला का प्रेमी था। 29 मई की शाम सिपाही अवधेश यादव महिला बैरक में गया था।
उसने हाथ पकड़कर छेड़खानी की थी लेकिन शोर मचाने पर भाग गया। प्रत्येक शनिवार को बंदियों की सामान्य मुलाकात के दौरान महिला ने पति को यह बात बताई। जेल में निरुद्ध अन्य बंदी अफवाह उड़ाने लगे।
पूछताछ के दौरान महिला बंदी ने जेल के अन्य स्टाफ के समक्ष इसका खुलासा किया कि उसके साथ सिर्फ छेड़खानी हुई थी। डीआईजी की मानें तो बंदी रक्षक को निलंबित कर दिया गया है। जेल अधीक्षक डा. रामधनी को निर्देश दिया गया है कि वह महिला बंदी का मेडिकल कराएं। बंदी रक्षक के महिला बैरक में जाने की संभावना है लेकिन लिखापढ़ी में कोई रिकार्ड नहीं है।