ताड़ी की दूकान के लाइसेंस नवीनीकरण के लिए तीन हजार रुपये रिश्वत लेते समय ताड़ी पर्यवेक्षक को गुरुवार की दोपहर एंटी करप्शन विभाग गोरखपुर की टीम ने रंगे हाथ दबोच कर शहर कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया।
अतरौलिया के कोयलसा बाजार निवासी दयाराम का कोयलसा बाजार और मोहम्मदपुर बाजार में ताड़ी का ठेका था। दयाराम के मुताबिक रिश्वत न देने पर मोहम्मदपुर बाजार की दूकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया। वह कोयलसा बाजार की दूकान के लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए निर्धारित 750 रुपये लेकर ताड़ी पर्यवेक्षक के यहां गए, लेकिन वह तीन हजार मांगने लगे। तब उन्होंने इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निवारण विभाग गोरखपुर से की।
इसके बाद एंटी करप्शन विभाग के निरीक्षक सभाजीत त्रिपाठी टीम के साथ गुरुवार की सुबह आजमगढ़ पहुंचे। यहां सभाजीत से रुपये लेकर दयाराम ताड़ी पर्यवेक्षक को देने उनके कार्यालय पहुंचे। इलाहाबाद के पाना मऊ आइमा थाने के मदारी गांव निवासी रामेश्वर प्रसाद यादव आबकारी विभाग में ताड़ी पर्यवेक्षक हैं।
दयाराम ने जैसे ही शराब गोदाम स्थित कार्यालय में रामेश्वर प्रसाद को तीन हजार रुपये दिए, अधिकारियों ने उन्हें दबोच लिया। शहर कोतवाल मो. ईसा खां ने बताया कि सभाजीत त्रिपाठी की तहरीर पर रामेश्वर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उनका चालान कर दिया गया।