देवरिया के सेंट्रल बैंक से 2.12 करोड़ रुपये लेकर भागने वाले सिपाही को एसटीएफ ने शनिवार की शाम सिधारी हाइडिल से गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ गोरखरपुर की टीम ने 19 लाख रुपये, एक कार, दो बाइक और आठ मोबाइल फोन कब्जे में लेते हुए सिपाही के सात सहयोगियों को भी हिरासत में ले लिया। एसटीएफ देर रात सिधारी थाने में कागजी कार्रवाई पूरी करने में जुटी रही।
जहानागंज थानाक्षेत्र के असोना गांव निवासी श्रीप्रकाश सिंह देवरिया जिले में सिपाही था। सेंट्रल बैंक में ड्यूटी के दौरान तीन अप्रैल को 2.12 करोड़ रुपये लेकर फरार हो गया था। एसपी देवरिया ने सिपाही को बर्खास्त कर दिया। उसे पकड़ने के लिए गोरखपुर एसटीएफ की टीम लगाई गई थी।
शाम करीब सात बजे श्रीप्रकाश अपने मित्रों के साथ सिधारी हाइडिल के पास पहुंचा। एसटीएफ के सीओ विकास चंद्र त्रिपाठी की टीम ने उन्हें दबोच लिया। गिरफ्तार किए जाने वालों में श्रीप्रकाश के अलावा अहरौला थाने के शंभूपुर गांव निवासी बदमाश जसवंत सिंह झब्बू, भटौली गांव निवासी बृजेश सिंह, डाही गांव निवासी अशोक सिंह, कप्तानगंज थाने के टहरबाजी गांव निवासी चंदन शुक्ला, निजामाबाद थाने के शाहपुर बहरिया गांव निवासी मुकेश तिवारी, मेहनगर थाने के गंजोर गांव निवासी कमलेश सिंह और मऊ जिले के मोहम्मदाबाद थाना क्षेत्र के हिंडोला गांव निवासी संजय सिंह शामिल हैं।
इनके पास से 19 लाख रुपये, एक कार, दो बाइक और आठ मोबाइल फोन कब्जे में ले लिए गए। पुलिस के अनुसार इस मामले में सिपाही श्रीप्रकाश का पुत्र पहले ही गिरफ्तार हो चुका है। पुलिस अब तक एक करोड़ रुपये की बरामदगी कर चुकी है। शेष रुपयों के विषय में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। बता दें कि जहानागंज के असौना के रहने वाले सिपाही श्रीप्रकाश सिंह की पोस्टिंग देवरिया पुलिस लाइंस में थी।
चार अप्रैल को बैंक खुलने के बाद कोतवाली क्षेत्र में स्थित सेंटर बैंक ऑफ इंडिया के करेंसी चेस्ट से चोरी का मामला खुला था। बैंक की ओर से इस मामले में 2.77 करोड़ की चोरी की तहरीर दी गई थी हालांकि बाद में बैंक की जांच में 65 लाख रुपये बैंक में मिल गए थे। श्रीप्रकाश पर इस वारदात को अंजाम देने का आरोप लगा था। इस मामले में देवरिया पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर 95 लाख रुपये बरामद किए थे।