जिला महिला अस्पताल के शौचालय में प्रसव के बाद लगी चोट की वजह से नवजात बच्ची की मौत के मामले में तीन स्टाफ नर्सों पर मुकदमा दर्ज हुआ है। नव प्रसूता के ससुर की तहरीर पर नर्सों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धाराएं लगाई गई हैं।
रौनापार थाना क्षेत्र के अखईपर गांव निवासी नव प्रसूता के ससुर रामदरस यादव की तरफ से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में जिला महिला अस्पताल की स्टाफ नर्स ममता देवी, छाया राय और गीता भारती को आरोपित किया गया है।
रामदरस का आरोप है कि बहू किरन यादव पत्नी मुकेश को प्रसव के लिए रविवार को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन स्टाफ नर्सें प्रसव में देर होने की बात कहते हुए घर भेज रही थीं। उनकी लापरवाही का परिणाम रहा कि रविवार की रात करीब बारह बजे किरन को शौचालय में बच्ची पैदी हुई और पाट में गिरकर घायल हो गई।
इलाज के दौरान सोमवार को दिन में 11 बजे बच्ची की मौत हो गई। शहर कोतवाल मो. इसा खां ने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है। उध्ार, नव प्रसूता की नवजात बच्ची की मौत के मामले में लापरवाही पर विभागीय जांच भी शुरू हो गई है।
मामले में जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डा. अमिता अग्रवाल ने बताया कि रविवार की रात में तैनात डॉक्टर, स्टाफ नर्सों और संविदा नर्सों से दो दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। मामले की जांच के लिए एक सदस्य को नियुक्त किया गया है। वहीं सीएमओ डा. एके सिंह ने बताया कि सीएमएस से तीन के भीतर जवाब तलब किया गया है।