महराजगंज कस्बे में शनिवार की शाम दूकान बंद कर घर लौट रहे सराफा कारोबारी
की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना को अंजाम देने वाले दोनों बदमाश पैदल
ही आए थे।
दोनों मफलर से अपने मुंह बांधे हुए थे। भीड़ वाले इलाके में हुई
इस घटना से हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस कारोबारी को जिला
अस्पताल ले गई जहां परीक्षण के बाद डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस अधीक्षक ने बदमाशों को पकड़ने के लिए एएसपी (ग्रामीण) के नेतृत्व में
चार टीमें बनाई हैं। उनका कहना है कि हत्या रंजिश में की हुई लगती है।
महराजगंज
कस्बा निवासी राजेश कुमार जायसवाल (28) की घर से करीब सौ मीटर की दूरी पर
सराफा की दूकान है। शनिवार की शाम करीब साढ़े सात बजे राजेश दूकान बंद कर
घर लौट रहे थे।
दूकान से करीब बीस मीटर दूर पहुंचे थे कि सामने से मुंह
बांधे पैदल आए दो बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। अभी वह कुछ समझ पाते कि
बदमाशों ने तमंचा निकालकर उन्हें गोली मार दी।
गोली उनके सीने में लगी।
लहूलुहान राजेश सड़क पर गिरकर तड़पने लगे। जबकि बदमाश तमंचा लहराते हुए
पैदल निकल भागे। गोली चलने से बाजार में हड़कंप मच गया।
राजेश के घर वाले
तत्काल उन्हें पीएचसी महराजगंज ले गए । हालत गंभीर देख डाक्टर ने कारोबारी
को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल पहुंचे थानाध्यक्ष महराजगंज तत्काल
उन्हें अपनी जीप से जिला अस्पताल ले गए।
जहां परीक्षण के बाद डाक्टरों ने
उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस अधीक्षक दिनेश चंद्र दुबे ने कहा कि सराफा कारोबारी की हत्या
लूट की नीयत से नहीं बल्कि रंजिश में की गई प्रतीत हो रही है।
अपर पुलिस
अधीक्षक सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज के नेतृत्व में पुलिस की चार टीमें बनाई गई
हैं। जल्दी ही बदमाश हमारी गिरफ्त में होंगे।