तरवां थाना क्षेत्र के नवरसिया गांव के पास शुक्रवार की सुबह हत्या कर फेंका गया ठेकेदार का शव मिलने से सनसनी फैल गई। शव पर गोली और गर्दन में चोट के निशान थे।
शव के ऊपर उसकी बाइक पड़ी हुई थी। हत्या से गुस्साए गांव के लोगों ने शव सड़क पर रखकर लालगंज-तरवां मुख्य मार्ग जाम कर दिया। एएसपी नगर विनोद कुमार के आश्वासन पर जाम लगभग तीन घंटे बाद समाप्त हुआ। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के पिता ने गांव के दो लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई।
हत्या का कारण पुरानी रंजिश बताया जा रहा है।
अरुण मिश्रा (32) पुत्र जनार्दन तरवां थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर नवापुरा गांव का निवासी था। दो भाईयों में छोटा अरुण ठेकेदारी करता था। जबकि उसका बड़ा भाई सुनील मिश्रा सेना का जवान है।
अरुण गुरुवार की शाम अपने मित्र सोनवर्षा गांव निवासी संतोष सिंह के घर निमंत्रण में गया था। देर रात तक घर न लौटने पर उसकी पत्नी रेखा मिश्रा उसके फोन पर संपर्क किया।
लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। सुबह अरुण की लाश तरवां-लालगंज मुख्य मार्ग से सटे नवरसिया गांव के पास सड़क के किनारे पड़ी मिली। आसपास के लोगों ने शव की पहचान की। सूचना पर परिवार के लोग भी मौके पर पहुंच गए। अरुण के दाहिने तरफ सिर में गोली, उसके गर्दन पर चोट के निशान और जीभ बाहर निकली थी। आशंका जताई जा रही कि मारपीट के बाद उसे गोली मारी गई है।
हत्या की सूचना मिलने पर तरवां थाने की पुलिस पहुंच गई। लेकिन गांव के लोग शव छूने नहीं दिए। हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए सड़क जाम कर दिए। एएसपी नगर विनोद कुमार के आश्वासन पर सुबह सात बजे से लगा जाम करीब तीन घंटे बाद समाप्त हो गया।
थानाध्यक्ष तरवां प्रदीप चौधरी ने बताया कि मृतक के पिता की तहरीर के आधार पर उसके गांव के रहने वाले सभाजीत सिंह और भानू प्रताप के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपी घर छोड़कर फरार हैं। घटना का कारण पुरानी रंजिश बताई गई। थानाध्यक्ष ने बताया कि पीएम रिपोर्ट आने पर ही स्पष्ट हो सकेगा की हत्या कैसे हुई।