आजमगढ़। जीयनपुर चुनहवा माइनर के पास तस्करी के लिए छुपा कर रखी गई एक लाख रुपये मूल्य की सरकारी लकड़ी की बरामदगी के बाद मामले में डिप्टी रेंजर जीयनपपुर की संलिप्तता पाए जाने पर उन्हें मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है।
कर्मचारियों को भी सख्त हिदायत दी गई है। डीएफओ से उनका स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब के बाद विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
लकड़ी की सूचना डीएफओ को दी गई थी।साथ ही बताया गया कि मामला डिप्टी रेंजर जीयनपुर के संज्ञान में होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। डीएफओ ने 23 सितंबर को शाम चार बजे डिप्टी रेंजर महराजगंज राधेश्याम मिश्र के नेतृत्व में टीम गठित की।
टीम को मौके पर तीन ट्राली लकड़ी मिली। जीयनपुर डिप्टी रेंजर नागेंद्र सिंह को बरामद लकड़ी रेंज आफिस पर लाने को कहा गया। बताया जाता है कि डीएफओ के निर्देश के बाद भी वो पूरी लकड़ी रेंज आफिस पर नहीं लाए।
तस्करी के साथ मिलीभगत और बरामद लकड़ी में भी गड़बड़ी पर डिएफओ ने डिप्टी रेंजर जीयनपुर उप नागेंद्र प्रताप सिंह को आजमगढ़ कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी गई है। साथ डिप्टी रेंजर से मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है। संलिप्तता स्पष्ट होने पर उनके ऊपर विभागीय कार्रवाई हो सकती है।
जीनयनपुर में बरामद हुई सरकारी लकड़ी के मामले में डिप्टी रेंजर नागेंद्र प्रताप सिंह की भूमिका संदिग्ध मिलने पर उन्हें मुख्यालय से अटैच किया गया है। मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है। सभी कर्मचारियों को भी चेताया गया है। एसएन सिंह, डीएफओ