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नहीं थम रहे परिजनों के आंसू

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कप्तानगंज/सगड़ी। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के पासीपुर, जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के बड़ागांव के पास शनिवार को हुए दो सड़क हादसे में युवती, युवक और शिक्षक की मौत हो जाने से दूसरे दिन रविवार को भी परिवारीजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। शिक्षक अपने बेटे का चेहरा देखे बगैर ही चल बसा। वहीं बेटे को शिक्षक बनने का अरमान सेना के जवान पिता का अधूरा रह गया। कप्तानगंज थाने के भीटेहरा गांव निवासी कमलेश (30) पुत्र रामवृक्ष तीन भाईयों में बड़े थे। वह सुल्तानपुर जिले में शिक्षक थे। शनिवार को स्कूल पहुंचने पर बुखार हो जाने से छुट्टी लेकर घर लौट रहे थे। रास्ते में पासीपुर गांव के पास अनियंत्रित बस की टक्कर से मौत हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि हेलमेट पहनने के बाद भी सिर में गंभीर चोट लगी थी। कमलेश का हेलमेट फट गया था। रविवार को परिवार के लोगों ने बताया कि कमलेश की करीब दो वर्ष पूर्व शादी हुई थी। कमलेश की पत्नी गर्भवती है। ऐसे में पति की मृत्यु से पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल है। इसीक्रम में जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के बड़ा गांव के पास हुए हादसे में मृत बलिया जिले के सहतवार थाने के भोपतपुर गांव निवासी अविनाश तीन भाई और दो बहनों में बड़ा था। बीते जून माह में उसकी शादी हुई थी। अविनाश के पिता उमाशंकर असम रायफल में जवान हैं। अविनाश की मौत के बाद बेटे को शिक्षक बनने का उनका सपना अधूरा रह गया। वहीं इसी हादसे में मृत बिलरियागंज थाने के हारीपुर गांव निवासी सुनीता तीन भाई और दो बहनों में चौथे नंबर पर थी। सुनीता की मां सुधा देवी ने बताया कि बेटी कभी घर से बाहर नहीं निकलती थी। शनिवार को उसे सिलाई के लिए हमने घर से भेजा और उसकी मौत हो गई। इन तीनों लोगों की मौत हो जाने से परिवार में कोहराम मचा है।
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