फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जांच के बाद पता चलेगा कहां गया गबन का धन

विज्ञापन
विज्ञापन
50 स्कूल-कालेजों में पंजीकृत छात्रों से ज्यादा छात्र बताकर 2007-08 से 2012-13 के दौरान विभागीय मदद से करोड़ों की छात्रवृत्ति गबन में जिलाधिकारी की ओर से फिर शिकंजा कसा गया है। जांच रिपोर्ट में स्कूल-कालेजों के प्रबंधकों की ओर से अधिक धन वापस करने और अधिक छात्रों के एजेंसी की ओर से बढ़ाने की बात कह अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश की गई है। जिलाधिकारी ने धन वापसी और छात्रों से संबंधित दस्तावेज को 15 तक सभी जांच टीमों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है। जांच टीमें इसे डीआईओएस और बैंक के रिकार्ड से मिलाकर 20 को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी। इसके बाद 21 को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में प्रबंधकों और अधिकारियों की बैठक होगी। इसमेें तय किया जाएगा की गबन का धन कहां है। इसके बाद रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

जमपद के 50 स्कूल-कालेजों में 2007-08 से 2012-13 के दौरान समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण और अल्पसंख्यक विभाग से छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के मद में 50 करोड़ से ज्यादा की धनराशि भेजी गई थी। जिलाधिकारी की ओर से सीडीओ की अध्यक्षता में बनी जांच कमेटी की जांच में पाया गया कि इन कालजों में ज्यादा छात्र दिखाकर इस धनराशि का गबन कर दिया गया। जांच के दौरान डीसीबी बैंकों के 50 हजार के करीब संदिग्ध खाते भी मिले थे। इन खातों में निवास, जाति, खाता नंबर आदि सभी एक ही क्रमांक में थे। इस बीच जांच की गति धीमी होने के बाद सीडीओ की ओर से 10 और कमेटियों का गठन कर इन स्कूलों की जांच सौंप दी गई। शनिवार शाम जांच कमेटी और प्रबंधकों की बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि सभी प्रबंधक अपने यहां उक्त समय में पंजीकृत छात्रों की सूची और लौटाए गए धन के कागजात 15 तक टीम को उपलब्ध कराएंगे। 20 तक जांच टीम इसको डीआईओएस और बैंक से सत्यापित कर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। 21 को प्रबंधकों और जांच टीम की जिलाधिकारी के यांह पेशी होगी। इसके बाद देखा जाएगा कि गबम किया गया धन कहां है। उससे रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें