आजमगढ़। विशेष सत्र न्यायाधीश कल्पना की अदालत ने गुरुवार को मारपीट के आरोपी को दोषी पाते हुए तीन वर्ष की कैद के साथ छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जब कि इसी मामले के दो अन्य आरोपी शिव लाल और वकील को छह माह के लिए प्रोबेशन पर रिहा किए जाने का आदेश दिया।
घटना मेंहनगर थाना के हटवां खालसा गांव की है। 31मार्च 2010 की सुबह लगभग आठ बजे हुई मारपीट की घटना के संबंध में रामसमुझ पुत्र भीम लाल ने गांव के तीन लोगों के विरुद्ध स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि पुरानी रंजिश को लेकर गांव के शिव लाल पुत्र सत्यराम अपने दो पुत्रों सुनील और वकील के साथ घटना के दिन मारपीट की। मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से शासकीय अधिवक्ता गोपाल पांडेय ने इस मुकदमे के वादी समेत कुल छह गवाहों को पेश किया और तर्कों को रखा। अदालत ने उभय पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद उक्त सजा का निर्धारण किया।