फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बहन की शादी में शामिल हुआ आतंकी

विज्ञापन
विज्ञापन
आजमगढ़। दिल्ली में हुए सीरियल बम ब्लास्ट सहित देशविरोधी कई गतिविधियों में लिप्त बिलरियागंज थाना क्षेत्र के खालिसपुर गांव निवासी सजायाफ्ता शहजाद पुत्र शेराज अहमद शनिवार को दिल्ली हाईकोर्ट से मिली चार घंटे की पैरोल पर अपनी बहन की शादी में शामिल हुआ। वहां देखने वालों की भीड़ उमड़ी थी। पुलिस उसे किसी तरह से भीड़ से बचाते हुए शाम को रेलवे स्टेशन लेकर पहुंची। कैफियात एक्सप्रेस में वह पुन: दिल्ली जेल चला गया। उसे दिल्ली से नौ कमांडो एसआई मुकेश कुमार के नेतृत्व में घर लेकर आए थे। बहन और परिवारवालों से मिलकर शहजाद तो चला गया, लेकिन उसके जाने के बाद चर्चाओं का बाजार पुन: गरम हो गया। बिलरियागंज थाना क्षेत्र के खालिसपुर गांव निवासी शहजाद की छोटी बहन सुुंबुल की शादी शनिवार को गांव के ही एक युवक के साथ हुई। पिता शेराज अहमद की मौत हो चुकी है। सुंबुल की शादी में शामिल होने के लिए शहजाद ने दिल्ली हाईकोर्ट से अनुमति मांगी थी। अदालत ने उसे चार घंटे की पैरोल पर जाने की अनुमति प्रदान की थी। शहजाद के घर आने की जानकारी उच्चाधिकारियों के अलावा एसओ बिलरियागंज राजकुमार सिंह और खुफिया विभाग के लोगों को थी। शनिवार की सुबह से ही उसे लाने और ले जाने के लिए सिधारी, शहर कोतवाली और बिलरियागंज थाने की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया था। कड़ी सुरक्षा के बीच वज्र वाहन में पुलिसवाले उसे गोपनीय तरीके से घर लेकर पहुंचे। शहजाद के आने की सूचना पर देखने वालों की भीड़ उमड़ी थी। इस दौरान उसने अपने सगे-संबंधियों से बातचीत भी की । पैरोल का समय समाप्त होते ही पुलिसवाले उसे कैफियात एक्सप्रेस से पुन: दिल्ली लेकर रवाना हो गए।
विज्ञापन


2011 में गिरफ्तार हुआ था शहजाद
आजमगढ़। एसओ बिलरियागंज राजकुमार सिंह के मुताबिक शहजाद वर्ष 2011 में अपने घर से गिरफ्तार हुआ था। यूपी एटीएस की टीम ने उसे गिरफ्तार किया था। जिस समय शहजाद गिरफ्तार हुआ था। उस समय उसके घर इमाम बुखारी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह आदि पहुंचे थे और घर वालों को ढांढस बंधाया था। एक बार पुन: शहजाद के घर आने पर चर्चाओं का बाजार गरम हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें