आजमगढ़। रौनापार थाना क्षेत्र के आराजी देवारा करखिया गांव निवासी दिलशाद अहमद शनिवार को एसपी से मिलकर शहर के एक डाक्टर पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। उसका आरोप है कि तहरीर देने के बाद भी कोतवाली पुलिस कार्रवाई की बजाय सुलह-समझौते का दवाब बना रही। दिलशाद के मुताबिक उसकी मां नरगिस को शूगर था। मां की तबियत खराब होने पर उसने 14 नवंबर को शहर के बिलरिया की चुंगी मुहल्ले में स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। सिटी स्कैन कराने के बहाने डाक्टर उसे दो से तीन दिनों तक टहलाते रहे। रिपोर्ट आने पर बताया कि सिर के नस में दिक्कत है, ऑपरेशन करना पड़ेगा। डाक्टर ने ऑपरेशन से पहले एमआरआई कराया। लेकिन रिपोर्ट आने से पहले ही ऑपरेशन कर दिया। इससे नरगिस की तबियत खराब हो गई तो डाक्टर ने उसे वाराणसी रेफर कर दिया। इस दौरान पर्याप्त रुपये न होने पर दिलशाद की बाइक गिरवी के तौर पर रखवा लिया। वाराणसी पहुंचने में देर होने पर नरगिस की मौत हो गई। दिलशाद के मुताबिक 18 दिसंबर को डाक्टर के विरुद्ध कार्रवाई के लिए सीएमओ से शिकायत की गई। साथ ही शहर कोतवाली में तहरीर दी गई। पुलिस कार्रवाई की बजाय दिलशाद पर सुलहसमझौता करने का दवाब बना रही। एसपी ने मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई का भरोसा दिया।