महराजगंज थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव निवासी एक युवक ने दो अलग-अलग नामों से पासपोर्ट बनवाकर विदेश यात्राएं की। इस गड़बड़ी की जानकारी होने पर गांव के प्रधान ने एसपी के यहां शिकायत की। एसपी के निर्देश पर शनिवार को उसके विरुद्ध थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। साथ ही पुलिस सेक्रेटरी सहित अन्य सरकारी एजेंसियों से अभिलेख मांगे गए हैं।
महराजगंज थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव निवासी मोहम्मद अफजल गांव का प्रधान है। उनका आरोप है कि उसके गांव का रहने वाला मोहम्मद शाकिब पुत्र मुमताज वर्ष 1998 में अपना पासपोर्ट अकीबुद्दीन के नाम से बनवाकर कई बार विदेशों की सैर कर चुका है। विदेश जाने के बाद वह क्या करता है। इसकी अब तक किसी को कोई जानकारी नहीं हो सकी है। कई वर्षों बाद वह घर लौटा। वर्ष 2011 में अकीबुद्दीन ने अपना दूसरा पासपोर्ट मोहम्मद शाकिब के नाम से बनवाकर विदेश यात्रा की। मो. अफजल ने बताया कि उसे जब इसकी जानकारी हुई तो उसने करीब एक माह पूर्व एसपी से शिकायत की। एसपी के निर्देश पर महराजगंज थाने की पुलिस ने जांच पड़ताल की तो यह फर्जीवाड़ा उजागर हुआ।
दरअसल पासपोर्ट बनाने के लिए आवेदन करने पर अधिकृत अधिवक्ता द्वारा प्रमाणित बयान हल्फी, परिवार रजिस्टर की नकल का प्रमाण पत्र लगाया जाता है। आवेदन किए जाने के बाद एलआईयू, बीट के सिपाहियों के जरिए थानाध्यक्ष सत्यता की विधिवत जांच, गांव के दो गवाहों का बयान होता है। यह सब औपचारिकता पूरी होने के बाद किसी का पासपोर्ट बनाया जाता है। ऐसे में सिकंदरपुर गांव निवासी मोहम्मद शाकिब का दो अलग-अलग नाम से पासपोर्ट बनना जांच प्रक्रिया की भी पोल खोल रही है। एसपी अजय कुमार साहनी ने बताया कि मोहम्मद शाकिब के विरुद्ध धोखाधड़ी, अभिलेखों में हेराफेरी सहित अन्य संगीन धाराओं में केस दर्ज कर ली गई है। सेक्रेटरी सहित अन्य जांच एजेंसियों से अभिलेख भी तलब किया गया है। दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।