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संस्कृत प्राथमिक सेक्शन के शिक्षकों के वेतन जारी करने पर बैठी जांच

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आजमगढ़। जहानागंज के पुनर्जी स्थित संस्कृत विद्यालय में बिना प्रवधान प्राथमिक सेक्शन के शिक्षकों को वेतन जारी करने और बिना टीईटी अध्यापकों की भर्ती करने के मामले जांच बिठा दी गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने मामले की जांच सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी, प्रिंसिपल जीजीआईसी सुरजनपुर और प्रिंसिपल जीजीआईसी शहर को सौंपी है। जनपद में संपूर्णानंद संस्कृत विवि से संबद्ध लगभग 30 विद्यालय हैं। विवि से जूनियर हाईस्कूल से स्नातक तक की कक्षाएं चलाने की मान्यता दी गई है। इन विद्यालय के शिक्षकों को वेतन जारी करने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग को ग्रांट भेजी जाती है। यहीं से वेतन जारी होता है। इन सबके बीच कुछ विद्यालयों ने अपने यहां प्राथमिक सेक्शन भी खोल लिया था। हाइकोर्ट के एक आदेश का हवाला देकर इसी ग्रांट से प्राथमिक सेक्शन के भी वेतन जारी किया जाने लगा। पिछले दिनों एक विद्यालय की ओर से जहानागंज ब्लाक के पुनर्जी स्थित भावानंद संस्कृत प्राथमिक विद्यालय का उदाहरण देते हुए अपने शिक्षकों को भी वेतन जारी करने की मांग की गई। इसके बाद डीआईओएस ने पुनर्जी स्थित भावानंद संस्कृत प्राथमिक विद्यालयके प्राथमिक शिक्षकों का भी वेतन रोकते हुए नोटिस जारी ककर जवाब मांगा। इस दौरान पता चला कि विद्यालयों में बिनी टीईटी धारक को शिक्षक की नौकरी भी दी गई है। इसकी जानकारी मिलने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षण डॉ. वीके शर्मा ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यी कमेटी का गठन कर दिया है। इसमें सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी, प्रिंसिपल जीजीआईसी सुरजनपुर और प्रिंसिपल जीजीआईसी शहर को सौंपी है। वहीं, प्रबंधन की ओर से वेतन जारी करने को सही ठहराया जा रहा है।
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