सोनभद्र। पन्नूगंज थाना क्षेत्र के बरबसपुर गांव में विषैले पदार्थ का सेवन कर तीन बच्चों के साथ जान देने वाले निर्मला के पिता पारस ने ससुरालियों पर जहर देकर हत्या करने का आरोप लगा कर मामले को नया मोड़ दे दिया है। बुधवार को जिला अस्पताल में स्थित मर्चरी परिसर में मृतका के मायके वालों की ससुर, भसूर समेत अन्य लोगों से नोकझोंक भी हुई। पिता का आरोप था कि ससुराल पक्ष के लोगों ने उसे घटना की जानकारी नहीं दी। हालांकि पुलिस कर्मियों ने नाराज लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। वहीं ससुरालियों ने पूर्व में भी निर्मला द्वारा एक बार जहरीला पदार्थ का सेवन करने की बात कही गई।
पुलिस के मुताबिक पन्नूगंज थाना क्षेत्र के थूमिया गांव निवासी पारस ने वर्ष 2013 में अपनी बेटी निर्मला की शादी बरबसपुर गांव निवासी मनोज के साथ की थी। बुधवार की दोपहर करीब ढाई बजे जिला अस्पताल में मर्चरी पर मृतका के मायके वालों ने ससुरालियों पर जहर देकर हत्या करने का आरोप लगाना शुरू किया तो कुछ देर के लिए मामला गंभीर हो गया है। हालांकि वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने हल्ला करने वालों को समझा-बुझाकर शांत करा दिया।
पारस ने बताया कि उनका दामाद 20 नवंबर को ही घर से मुंबई गया है। वहां पर ट्रक चलाता है। आरोप लगाया कि मेरी बेटी और उसके बच्चों की मौत की सूचना उसके घरवालों ने उन लोगों को नहीं दी। दूसरे के माध्यम से उन्हें घटना के बारे में पता चला। कहा कि सास, ससुर, भसूर समेत अन्य लोगों ने जहर देकर उसकी बेटी और बच्चों की हत्या कर दी है। वहीं मृतका के भसूर ने कहा कि ओम प्रकाश ने कहा कि निर्मला ने दरवाजा बंद कर खुद और बच्चों को सब्जी के पौधों पर छिड़काव करने वाली दवा पीकर जान दी है। वर्ष 2016 में भी उसने जहरीले पदार्थ का सेवन की थी।
हालांकि रामगढ़ कस्बे में स्थित एक निजी क्लिनिक में उपचार होने पर वह सही हो गई थी। अक्सर वह जहरीले पदार्थ का सेवन करने की धमकी देती थी। एएसपी डॉ. अवधेश सिंह ने कहा कि शवों का पीएम करवा कर घरवालों को सुपुर्द कर दिया गया। मृतका के मायके वाले जो तहरीर देंगे उसकी जांच की जाएगी। जांच में उनके द्वारा लगाए गए आरोप सही मिले तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
चार की मौत से क्षेत्र में पसरा मातम
सोनभद्र। बरबसपुर गांव में विषैले पदार्थ का सेवन करने से विवाहिता व उसके तीन बच्चों की मौत होने से क्षेत्र में मातम पसर गया है। मां-बेटे और बेटियों के शव को देख लोगों की रूह कांप जा रही थी। शाम करीब छह बजे घरवाले चार शवों को लेकर घर पहुंचे तो कोहराम मच गया। आसपास के गांवों से काफी संख्या में लोग पहुंचे थे। उधर पत्नी और तीनों बच्चों की मौत की सूचना पाकर मुंबई से मनोज घर के लिए रवाना हो गया है। समाचार लिखे जाने तक शवों का अंतिम संस्कार नहीं किया गया था।