आजमगढ़। जनपद की नवसृजित नगर पंचायत माहुल में करोड़ों रुपये खर्चकर लगाई गई लाइटों में घोटाला का आरोप लगाते हुए किसी ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से कर दी। इस शिकायत पर जिलाधिकारी ने जांच के लिए कमेटी गठित कर दी। उन्होंने कमेटी को एक पक्ष में जांचकर आख्या उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
फूलपुर तहसील के माहुल कस्बे को सपा शासनकाल में नई नगर पंचायत घोषित किया गया। इसके बाद नगर पंचायत के हिसाब से माहुल में विकास कराए जाने लगे। इसी के तहत वर्ष 2016-17 में करोड़ों रुपये की लाइटें लगाई गईं लेकिन आज यह लाइटें शोपीस बनकर रह गई हैं। इसमें घोटाले का आरोप लगाते हुए किसी व्यक्ति ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी से कर दी। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कमेटी का गठन कर जांच कराने का निर्देश दिया। उनके निर्देश पर गठित जांच टीम में मुख्य कोषाधिकारी, एसडीएम फूलपुर, अधिशासी अभियंता विद्युत यंत्रिक खंड आजमगढ़, उपखंडीय अधिकारी विद्युत वितरण खंड चतुर्थ फूलपुर, और अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत माहुल को शामिल किया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि माहुल नगर पंचायत में लोकल लाइटों को लगाया गया है। इसमें काफी पैसे का गबन किया गया है। जिलाधिकारी ने गठित जांच समिति के सदस्यों को इस मामले में केवल प्रकाश व्यवस्था के लिए औचित्य, आवश्यकता, प्रकाश बिंदुओं की संख्या, मानक, विशिष्टियों की गहराई से जांच, तकनीकी और भौतिक सत्यापन कर एक पक्ष के अंदर जांच आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है ताकि दोषी पाए जाने पर तत्कालीन अधिशासी अधिकारी, तत्कालीन लिपिक, आपूर्ति और अधिष्ठान करने वाले ठेकेदार या एजेंसी के विरुद्घ कार्रवाई की जा सके।
माहुल नगर पंचायत में वर्ष 2016-17 में लगभग 200 लाइटें लगाई गई हैं। जिसमें गड़बड़ी की शिकायत मिली है। कमेटी का गठन किया गया है अब इसकी जांच की जाएगी, जांच के बाद ही बताया जा सकता है कि आरोप कितने सही हैं। अगर आरोप सही हैं तो कार्रवाई की जाएगी। - रंग बहादुर सिंह, अधिशासी अधिकारी माहुल
मेरे पास इसकी शिकायत आई थी, जिसमें मैंने जांच के लिए कमेटी गठन करने का निर्देश दिया था। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद जो भी इसमें दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - शिवाकांत द्विवेदी, जिलाधिकारी