फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मां की मौत का बदला लेने के लिए मांगी थी फिरौती

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
जौनपुर। डाक्टर रजनीश श्रीवास्तव को सबक सिखाने के लिए सुधांशु सिंह और उसके भाई सुभ्रांशु ने रंगदारी मांगी थी। वे अपनी मां को जनवरी 2017 में इलाज के लिए डा. श्रीवास्तव के अस्पताल ले गए थे लेकिन वहां ज्यादा रुपये मांगे गए और वे इलाज न करा सके। उसी दिन से उन्होंने डाक्टर को सबक सिखाने की ठान ली थी।
पूछताछ में सुधांशु ने पुलिस को बताया कि उसकी मां गंभीर रूप से बीमार थी। उसे वे डाक्टर रजनीश के अस्पताल ले गए। डाक्टर ने काफी पैसे मांग लिए। काफी मिन्नत करने के बाद भी भी तैयार नहीं हुए है। उसकी मां की मौत हो गई। मां की मौत के बाद वे डाक्टर को तबाह करने की सोचते रहते थे। वह टीडी कालेज छात्रसंघ का चुनाव भी वह लड़ना चाहता था लेकिन पैसे के अभाव में नहीं लड़ सका। इसी बीच उसे कुछ लोगों ने राय दी कि डाक्टर से मुन्ना बजरंगी के नाम पर करोड़ों रुपये लिए जा सकते हैं। इसी प्लान के तहत वह झांसी जेल में बंद मुन्ना बजरंगी से मिलने गया। मुन्ना बजरंगी से मिलकर उनके बात करने का तौरतरीका सीखा और 26 मई को पहली बार उसी अंदाज में डाक्टर रजनीश श्रीवास्तव को फोन किया। इसके बाद कई दिनों तक डाक्टर को धमकाता रहा। डाक्टर ने जब 50 लाख की रंगदारी दे दी तो इनका मनोबल और बढ़ गया। सुधांशु यह सोच बैठा कि डाक्टर उसे मुन्ना बजरंगी ही समझ रहा है। वह दो करोड़ रुपये जरूर चुकाएगा। फोन पर डाक्टर बार-बार कसम भी खा रहे थे कि इंतजाम में लगे हैं। धीरे-धीरे पैसे दे देंगे। डाक्टर ने आईपीएस अफसरों से राय ली और एसटीएफ बदमाशों के पीछे लग गई। दूसरी किस्त लेने के चक्कर में सुधांशु का भाई सुभ्रांशु और प्रशांत गिरफ्तार हो गए। उनके कब्जे से आठ लाख 90 हजार रूपए भी बरामद हुए थे। 50 हजार रुपए एक गरीब की बेटी की शादी में सुधांशु ने खर्च किया और एक ब्रह्म का स्थान रंगरोगन कराया। इसके अलावा पुलिस ने 50 लाख में 47 हजार रुपये बरामद किे हैं। एसपी सिटी डा. अनिल पांडेय का कहना है कि मां की मौत की बात सुधांशु बता तो रहा है लेकिन अभी इस बात का कोई प्रमाण नहीं मिल पाया है कि उसकी मां भर्ती थी या वैसे ही वह कह रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्यों झूठ बोल रहे डाक्टर रजनीश
जौनपुर। डाक्टर रजनीश ने 50 लाख रूपए की रंगदारी देने की बात सोमवार को स्वीकार कर लिया। लेकिन चार जून को उन्होंने लाइन बाजार में जो प्राथमिकी दर्ज कराई थी उसमें 15 लाख रूपए फिरौती देने का जिक्र है। डाक्टर राजेश ने झूठ क्यों बोला था?
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें