आजमगढ़। प्रेमी के साथ मिलकर अधिवक्ता पति की हत्या करने के आरोप में पत्नी और उसके प्रेमी को विशेष सत्र न्यायाधीश कल्पना की अदालत ने मंगलवार को हत्या का दोषी पाते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। साथ ही दोनों को 25-25 हजार का अर्थदंड भी लगाया। घटना मेहनाजपुर थाना क्षेत्र के सिधौना गांव की है।
सिधौना गांव निवासी कुंवर सिद्धार्थ सिंह पुत्र शिवधनी सिंह ने 22 फरवरी 2012 को स्थानीय थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। लिखित तहरीर में कहा था कि उसके चाचा अशोक कुमार सिंह चार जनवरी 2012 को स्थानीय बाजार स्थित दयाशंकर सिंह के घर गए थे और हंसी-खुशी घर लौटे थे। लौटने पर उनकी पत्नी प्रियंका उर्फ डिंपल ने काढ़ा पीने को दिया। काढ़ा पीते ही वह गिर पड़े और कहे कि यह क्या पिला दिया। उनके चिल्लाने की आवाज पर समीप के रहने वाले स्वर्ण कुमार, सुनीता और राह से गुजरने वाले अमरदेव सिंह वहां पहुंचे तो अशोक कुमार सिंह की आवाज बंद हो चुकी थी। लोगों ने कि जमीन पर गिरे पड़े है और उनके मुंह से झाग निकल रही है। उपचार के लिए उन्हें वाराणसी ले जाया गया। जहां उनकी मौत हो गई। इस मामले में स्थानीय थाना पुलिस ने मृतक की पत्नी प्रियंका उर्फ डिंपल और उसी थाना क्षेत्र के बगौना गांव निवासी मनवास गौतम पुत्र नंदा हरिजन के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमें के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता गोपाल पांडेय ने वादी मुकदमा समेत कुल नौ गवाहों को अदालत मे पेश किया और तर्को को रखा। अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद दोनों को हत्या का दोषी पाया और उक्त सजा का निर्धारण किया।