आजमगढ़। जिलाधिकारी के आदेश के बाद भी 1.40 करोड़ की गबन की आरोपी 11 समितियों के सचिव और सभापति पर न एफआईआर हो रही है और न ही वसूली की कार्रवाई शुरू की गई है। इससे मुबारकपुरवासियों ने सीएम और डीएम से शिकायत कर हथकरघा विभाग के अधिकारियों पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया है। जिलाधिकारी से मामले में जल्द कर्रवाई की मांग की है। मुबारकपुर निवासी आमिर फहीम और नेहाल हाशिम आदि ने डीएम को दी शिकायत में कहा कि शिकायत के आधार पर हुई जांच में 11 बनकर समितियों को मार्केसिंग इंसेंटिव के 1.40 लाख रुपये के गबन का दोषी पाया गया था। जांच अधिकारी एडीएसटीओ सुनील सिंह अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप चुके हैं। डीएम ने सहायक आयुक्त हथकरघा मऊ अनिल कुमार श्रीवास्तव के एक सप्ताह में आरोपी समितियों के सचिव और सभापति पर एफआईआर और वसूली की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए थे। 15 दिन बीतने के बाद भी अनिल श्रीवास्तव ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं कराई है। वो आरोपी समितियों को बचाना चाहते हैं। इसके साथ ही शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि हथकरघा विभाग लखनऊ तक भ्रष्टाचार में संलिप्त है। लखनऊ के अधिकारी भी उन्हें संरक्षित कर रहे हैं और दोषियों को बचाने में लगे हैं। जिलाधिकारी ने मामले में जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है।