आजमगढ़। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट धीरेंद्र कुमार की अदालत ने हत्या के आरोपित को बुधवार को दोषी पाते हुए उम्र कै द की सजा सुनाई, साथ ही कुल साढ़े बारह हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। आरोपी पर अपनी ही पत्नी को मिट्टी का तेल छिड़कर मार डालने का आरोप है। घटना शहर थाना कोतवाली क्षेत्र के छोटी हरैया गांव की है। मुकदमे के अनुसार जीयनपुर थाना के चंगईपुर गांव निवासी लालता राजभर की पुत्री पवित्री की शादी वर्ष 2006 में मधुबन थाना के चांदपुर गांव निवासी वीरेंद्र राजभर पुत्र गणेश के साथ हुई। शादी के बाद तीन बच्चे भी हुए। इसके बाद भी विवाहिता से दहेज की मांग करता था। वीरेंद्र राजमिस्त्री का कार्य करता था। वह अपनी पत्नी के साथ शहर थाना कोतवाली के छोटी हरैया गांव में किराए का मकान लेकर रहता था। आरोप है कि 23 जून 2016 को वीरेंद्र ने अपनी पत्नी को मिट्टी का तेल छिड़कर मार डाला। इस मामले में विवाहिता मृतका की मां संतराजी ने शहर थाना कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से इस मुकदमे की पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता प्रेमनाथ यादव ने इस मुकदमे के वादी संतराजी, रुदल, देवराज, डा. बृजेश कुमार और सीओ केके सरोज को बतौर साक्षी पेश कर अपने तर्को को रखा।
गैर इरादतन हत्या के आरोपी को छह वर्ष की कैद
आजमगढ़। गैर इरादतन हत्या के आरोपी को अदालत ने दोषी पाते हुए छह वर्ष कैद की सजा सुनाई। साथ ही 25हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। बुधवार को यह सजा अपर सत्र न्यायाधीश सर्वेश चंद्र पांडेय ने सुनाई। जब कि इस मामले की आरोपी महिला कौशिल्या के फरार हो जाने के कारण उसकी पत्रावली अलग कर दी गई। घटना महराजगंज थाना के शिवपुर गांव की है। मुकदमे के अनुसार महराजगंज थाना के शिवपुर गांव निवासी कमलेश सिंह 27 सितंबर 2012 की रात लगभग 12 बजे मौत हो गई थी। इस संबंध में गांव के चौकीदार फूलचंद पुत्र रामावतार ने स्थानीय थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुकदमे मुकदमे में आरोप है कि मृतक कमलेश की पत्नी कौशिल्या का संबंध उसके छोटे भाई भागवत उर्फ बाला से हो गया था। इस मामले को लेकर दोनों भाइयों में अकसर झगड़ा भी होता था। घटना की रात भागवत और कौशिल्या ने लाठी-डंडे से उसे मारकर घायल कर दिया। जिसके चलते उसकी मौत हो गई। कमलेश की हुई मौत को आत्म हत्या का रुप देने के लिए दोनों ने शव को पेड़ पर लटका दिया। इस मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में पे्रषित किया। मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता मंजेश यादव ने इस मुकदमे के वादी चौकीदार फूलचंद, राधेश्याम, त्रिलोकी और डाक्टर सहित चार गवाहों को पेश किया। अदालत ने उभय पक्षों के तर्को को सुनने के बाद आरोपी भागवत को दोषी पाते हुए उक्त सजा का निर्धारण किया।