सठियांव ब्लाक मुख्यालय स्थित दी किसान सहकारी चीनी मिल के दुबारा शुरू करने की कवायद अभी पूरी तरह शुरू भी नहीं हुई कि फरवरी माह में मिल के खाते से फर्जी चेक और हस्ताक्षर से 37 लाख 32 हजार 810 रुपये का गबन हो गया।
फरवरी माह में विभिन्न चेकों से आहरित किए गए रुपयों के लिए मिल से संबंधित चेक काटा ही नहीं गया है। इसकी जानकारी होने पर चीनी मिल के प्रभारी जीएम और घोसी चीनी मिल के महाप्रबंधक आरबी यादव ने सोमवार को मुबारकपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने अज्ञात लोगों को आरोपित किया है। प्रभारी महाप्रबंधक सठियांव चीनी मिल ने इसके लिए बैंक को जिम्मेदार ठहराया है।
बताते चले कि सठियांव स्थित दी किसान सहकारी चीनी मिल का खाता (नंबर 30269632414) मुबारकपुर बाजार स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में है। इस खाते पर बैंक ने जीएम सठियांव चीनी मिल और मुख्य लेखाकार के नाम से चेक जारी किया गया है। खाते का संचालन दोनों के हस्ताक्षर से होता है लेकिन बीते फरवरी माह में विभिन्न तिथियों में मिल के खाते से कुल 37 लाख 32 हजार 810 रुपया आहरित किया गया।
इस बात की जानकारी होने पर जीएम ने बैंक प्रबंधक से संपर्क किया। इस दौरान पाया गया कि अधिकांश चेकों का भुगतान एसबीआई की शाखाओं से हुआ है। इसमें मुंबई, मध्यप्रदेश के दामो, मुरैना, दतिया, सागर, देवास, बीना और उत्तर प्रदेश के ललितपुर की शाखाओं के साथ-साथ कई अन्य शाखाओं से रुपया निकाला गया। गबन की पुष्टि होने पर जीएम ने सोमवार को मुबारकपुर थाने में तहरीर भेजी।
इसके आधार पर पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध धोखाधड़ी और गबन की धारा में रिपोर्ट दर्ज किया। इस संबंध में संपर्क करने पर शाखा प्रबंधक एसबीआई मुबारकपुर हरिश्चंद्र जायसवाल ने बताया कि चेक तो हमारी शाखा से जारी किया गया है, लेकिन भुगतान हमारी शाखा से नहीं किया गया है। वैसे शिकायत की जांचकर दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
वहीं दी सठियांव चीनी मिल के प्रभारी जीएम आरबी यादव ने बताया कि इस मामले में मिल का कोई भी व्यक्ति दोषी नहीं हो सकता क्योंकि एक भी चेक उनके मिल से काटा ही नहीं गया है। सारे पन्ने हमारे यहां मौजूद हैं।