अतरौलिया। स्थानीय बाजार से महज दो किलोमीटर दूर स्थित चिश्तीपुर ग्राम सभा में प्राचीन कैलेश्वर धाम मंदिर का ताला तोड़कर सोमवार की रात भीतर घुसे चोर दो अष्टधातु की और एक पीतल की प्रतिमा चुराकर फरार हो गए। चोरी गई कीमती प्रतिमाओं में एक मां सीता और दूसरा हनुमान जी की है। तीसरी सीता जी की प्रतिमा पीतल की है। मंगलवार की सुबह घटना की जानकारी होने पर मंदिर का देखरेख करने वाला गोपाल वर्मा ने थाने में तहरीर दी। पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है। मान्यता के मुताबिक चिश्तीपुर गांव में स्थित कैलेश्वर धाम में चार सौ वर्ष से अधिक पहले शिवलिंग यहां प्रकट हुआ था। तभी से यहां भव्य मंदिर बनवाकर पूजापाठ किया जा रहा। इस मंदिर की स्थापना काल से ही यहां अष्टधातु की राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान आदि की प्रतिमा स्थापित की गई थी। करीब बीस वर्ष पूर्व चोर कुछ मूर्तियां चुरा ले गए थे। जबकि अष्टधातु की सीता जी और हनुमान जी की प्रतिमा बच गई थी। चोरी गए प्रतिमाओं के स्थान पर पीतल की प्रतिमा रख दी गई। अष्टधातु की प्रतिमाओं का वजन करीब एक से डेढ़ किलो होगा। इस मंदिर के मुख्य महंत श्रीकांत दास जी थे, लेकिन बीते 18 अक्तूबर की रात इनके ऊपर मंदिर के ही एक पुजारी ने हमलाकर घायल कर दिया। हमला करने वाला पुजारी मारपीट के आरोप में जेल चला गया। जबकि घायल मुख्य महंत अन्यत्र कहीं रहकर इलाज करवा रहे हैं। इस दौरान देखरेख गोपाल वर्मा कर रहे थे। सोमवार की रात सुनसान माहौल पाकर चोर मंदिर के मुख्य दरवाजे का ताला तोड़कर भीतर घुसे और अष्टधातु की दो और एक पीतल की प्रतिमा चुरा ले गए। मंगलवार की सुबह घटना की जानकारी होने पर गोपाल वर्मा ने थाने में तहरीर दी। पुलिस मौका मुआयना कर वापस लौट गई। घटना की अभी तक रिपोर्ट नहीं दर्ज है। सीओ बूढनपुर रामजन्म ने बताया कि घटना की जानकारी नहीं है। यदि चोरी हुई है तो घटना की रिपोर्ट दर्ज कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।