अहरौला। अहरौला थाने में 11 सितंबर को छेड़खानी का एक मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसमें पीड़ित पक्ष ने तीन लोगों को नामजद किया था। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाए पीड़ित पक्ष के ही कई लोगों पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया। मामला संज्ञान में आने पर सांसद नीलम सोनकर को फटकार लगाई।
अहरौला क्षेत्र में 11 सितंबर को छेड़खानी के मामले में बड़ा हंगामा हो गया था। मामला दो समुदायों के बीच का होने से कुछ ही दिन में स्थिति काफी खराब हो गई थी। पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया था। इस प्रकरण में पीड़ित पक्ष की तरफ से तीन लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी गई। जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। वहीं दूसरे दिन पुलिस ने पीड़ित पक्ष पर भी विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर दिया। इसमें लगभग दो दर्जन भर लोगों को नामजद किया गया। इसकी सूचना जब पीड़ितों को हुई तो उन्होंने सांसद को पुलिस के पक्षपातपूर्ण रवैये से अवगत कराया। सांसद नीलम सोनकर सोमवार को पीड़ितों के गांव में पहुंची और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने एसओ अहरौला की मौके पर ही जमकर क्लास ली और पीड़ित पक्ष के साथ न्याय करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप कार्रवाई होनी चाहिए, जो पीड़ित हो उसका उत्पीड़न किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर सांसद के साथ हनुमंत सिंह, अमित सिंह, दिलीप सिंह, आशु जायसवाल आदि मौजूद रहे।