फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नोटबंदी के दौरान खातों में आए लाखो, फिर गायब

विज्ञापन
विज्ञापन
आजमगढ़। पवई ब्लॉक के मिल्लीपुर स्थित एक बैंक में किसानों की ओर से खोले गए जनधन खातों में नोटबंदी के दौरान लाखों रुपये जमा किए गए और उसी दिन रुपये गायब भी हो गए। किसान ऋणमाफी के लिए बैंक स्टेटमेंट लेने बैंक पहुंचे तो उन्हें मामले का जानकारी मिली। किसान संघ ने डीएम से मामले से शिकायत कर बैंक शाखाओं में जनधन खातों के माध्यम से लाखों के गोलमाल का आरोप लगाया है। जिलाधिकारी ने जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
विज्ञापन

भारतीय किसान संघ के पवई ब्लॉक अध्यक्ष हेमंत कुमार सिंह, विनय प्रकाश सिंह, दुर्गविजय सिंह और रामसुंदर आदि ने सोमवार को डीएम से शिकायत की कि पवई ब्लॉक के आसपास के बैंक शाखाओं में जनधन खातों के माध्यम से नोटबंदी के दौरान लाखों का गोलमाल किया गया है। ग्राम हमीरपुर निवासी लौटन पुत्र मुसई की 29 अप्रैल 2016 को मौत हो चुकी थी। 27 मार्च 2017 को उनके खाते में 1.06 लाख रुपये डाले गए और फिर काट भी लिए गए। इसी तरह विजय बहादुर पाठक निवासी दब्बेपुर के खाते में 1.88 लाख डाले गए उसी दिन निकाल भी लिए गए। राजकिशोर पुत्र जगमोहन निवासी भीलमपुर के खाते में 31 अगस्त 2016 को 2.02 लाख डालकर निकाल लिए गए। विजय प्रकाश पुत्र छविराज निवासी भीलमपुर के खाते में 31 मार्च 2017 को 1.68 लाख डाले और फिर निकाल लिए गए। इसी क्रम में खंडौरा के फूलचंद पुत्र हरीलाल के खाते में 23 फरवरी 2017 को 52 हजार डालकर निकाल लिए गए। भारतीय किसान संघ के पिछली बैठक में किसानों ने इसका मुद्दा उठाया था। इसी प्रकार क्षेत्र के सैकड़ों किसानों के साथ धोखाधड़ी हुई है। इस वजह से कई किसान ऋणमाफी से भी वंचित रह गए हैं। मामले की शिकायत एलडीएम से की गई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। जिलाधिकारी ने मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें