आजमगढ़। अहरौला थाना क्षेत्र के पक्खनपुर गांव में स्थित बैल बाजार के पीछे जंगल में पेड़ से लटकती हुई महिला की लाश की गुत्थी सुलझाना तो दूर की बात रही। पुलिस अब तक शव की पहचान ही नहीं करा सकी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर यह जरुर पता चला कि महिला की मौत फांसी लगने से हुई है। ऐसे में सवाल उठा रहा कि महिला को यदि फांसी लगाकर आत्महत्या ही करना था तो इतनी दूर यहां क्यों आएगी। बहरहाल पुलिस शव की पहचान कराने के प्रयास में जुटी हुई है।
बता दें कि पक्खनपुर गांव में बैल का बहुत बड़ा बाजार लगता है। यहां पर हमेशा ट्रक से व्यापारी अपने-अपने बैल लाकर बेचते और खरीदते हैं। बाजार के पीछे घना जंगल है। उस जंगल में नौ मार्च की सुबह एक 30 वर्षीय महिला की लाश पेड़ से लटक रही थी। पीले रंग की नायलान की रस्ती के सहारे महिला की लाश लटक तो रही थी, लेकिन उसके दोनों पैर जमीन पर थे। बैगनी कलर की साढ़ी पर सफेद रंग की बूंदी वाली साड़ी और उसी रंग का ब्लाउज पहने इस महिला के साड़ी के एक टोक में 25 रुपये फुटकर बंधे हुए थे। पुलिस ने प्रथम दृष्टया महिला की लाश मिलने पर यही अनुमान लगाया था कि महिला की हत्या करने के बाद लाश यहां लाकर लटका दी गई होगी। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर पता चला कि महिला की मौत फांसी लगने से हुई है। क्योंकि गर्दन पर रस्सी के निशान के अलावा शरीर पर अन्य जगह कोई चोट के निशान नहीं पाए गए। मौत के कारण का पता चलने के बाद पुलिस गुत्थी सुलझाने के लिए शव की पहचान कराने के प्रयास में जुटी हुई है। सीओ बूढनपुर रामचंद्र ने बताया कि शिनाख्त अभी तक नहीं हो सकी है। पहचान करने का प्रयास किया जा रहा।