आजमगढ़। वर्ष 2013-14 के दौरान खड़ंजा और नाली निर्माण में शासकीय धन का दुरुपयोग करने के मामले में सहायक विकास अधिकारी की ओर से पूर्व प्रधान ग्राम विकास अधिकारी पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज जांच शुरू कर दी है।
सहायक विकास अधिकारी पंचायत फूलपुर ने सोमवार को दीदारगंज थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि गांव डीहपुर में तैनात तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी हनुमान यादव और पूर्व प्रधान शीला की ओर से खंड़जा और नाली निर्माण के नाम पर शसकीय धन का गबन किया गया था। जिलास्तरीय अधिकारियों की ओर से की गई जांच में आरोप की पुष्टी हो चुकी है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गौरतलब है कि गबन के इस मामले को लेकर शिकायकर्ता हाईकोर्ट चल गए थे। हाईकोर्ट के आदेश पर जिलाधिकारी की ओर से टीम गठित कर मामले की जांच कराई गई थी। इसमें तत्कालीन प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी की ओर से खंड़जा और नाली निर्माण में 2.80 लाख के गबन की पुष्टी हुई थी। जिलाधिकारी की ओर से मामले में एफआईआर कराने के निर्देश दिए गए थे।
प्रधान सहित चार के खिलाफ एफआईआर
अहरौला। मारपीट और बंधक बनाकर जबरन गेट लगवाने के आरोप में सुखीपुर निवासी महिला ने प्रधान समेत चार लोगों को खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। सुखीपुर गांव निवासी राधिका देवी पत्नी रवीन्द्रनाथ शुक्ल ने तहरीर में बताया कि विवादित मकान पर राधिका के पति रवीन्द्रनाथ ने स्थगन आदेश ले रखा है। उसी मकान में प्रधान की सह पर राजनाथ ने अन्य आरोपियों के सहयोग से राधिका देवी को मारपीट कर बंधक बना लिया और जबरन गेट लगवा लिया। राधिका देवी की तहरीर पर पुलिस ने पड़ोसी राजनाथ शुक्ल, गीता देवी पत्नी रामनाथ शुक्ल, रेखा देवी और सुखीपुर गांव की प्रधान विभा श्रीवास्तव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। राधिका देवी का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी पुलिस मामले में कार्यवाही नहीं कर रही है। रविवार को थाने के एक एसआई पहुंचे और घर के स्नान घर में भी ताला लगा दिया। इससे तीन से उन्होंने बिना स्नान के खाना भी नहीं खाया है। मामले में एसपी और आला अधिकारियों से मामले की आनलाइन शिकायत की गई है।