आजमगढ़। आधुनिकता की चकाचौंध में अपराधियों ने भी अपराध करने का तरीका बदल लिया है। अपराधी सोशल साइटों पर अपना अलग-अलग एकाउंट बनाकर अपने लोगों को जहां ग्रुप से जोड़कर धन उगाही, रुपये लेकर हत्या की घटनाओं को अंजाम दिलवा रहे। अपना दबदबा कायम रखने और खौफ पैदा करने के लिए पिस्टल, तमंचा आदि के साथ फोटो खिंचकर उसे सार्वजनिक कर रहे हैं। ऐसे लोगों पर नजर रखने के लिए पुलिस की तरफ से मानीटरिंग सेल का गठन तो किया गया है लेकिन वह सफेद हाथी साबित हो रहा।
वर्तमान समय में शायद ही कोई बचा हो जो मोबाइल के जरिए वाट्सऐप या फेसबुक न चला रहा हो। ऐसे लोग अलग-अलग कई ग्रुपों से भी जुड़े हैं। प्रत्येक ग्रुप में डेढ़ से दो सौ लोग शामिल हैं। सबका अलग-अलग ग्रुप बना है। ऐसे में अपराधी भला पीछे कैसे रह सकते हैं। वाट्सऐप के जरिए अपराधियों ने भी अपने-अपने गुर्गों और संपर्कियों का अलग से ग्रुप बनाए हुए हैं। इन अपराधियों का फेसबुक एकाउंट भी है। अपराधी वाट्सऐप के जरिए जहां अपने गुर्गों को संदेश भेज रहे। वहीं, फेसबुक एकाउंट के जरिए तमंचा, पिस्टल आदि के साथ अपना फोटो भी लोड कर सार्वजनिक किए हैं। अवैध असलहों के साथ खिंची हुई तस्वीर सार्वजनिक करने के पीछे उनका मकसद है कि लोगों में भय और दहशत फैलाना है ताकि लोगों को इस बात की जानकारी हो जाए कि उनका दबदबा अभी कम नहीं हुआ है। इस प्रकार के फोटो और मैसेज आए दिन भेजकर अपराधी जहां भय और दहशत फैला रहे हैं। वहीं, इनकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए प्रत्येक थाना स्तर पर बना मानीटरिंग सेल बेकार साबित हो रहा। एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इस प्रकार की अब तक कई शिकायतें मिल चुकी हैं। तमंचे और पिस्टल के साथ फोटो शेयर करने वाले कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। शिकायत मिलने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।