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नई प्रेमिका मिलने पर पुरानी की हत्या

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कटानी बाजार। शिवपुर गांव में 24 फरवरी की सुबह हत्या कर खेत में फेंकी मिली युवती वंदना प्रजापति की लाश की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली। पुलिस ने घटना में शामिल दो आरोपियों को गुरुवार की सुबह गिरफ्तार कर हत्या का खुलासा कर दिया। पुलिस के मुताबिक हत्यारोपी वंदना के प्रेमी का प्रेम प्रसंग किसी दूसरी युवती से चलने लगा था। इधर वंदना उससे शादी और रुपये का दबाव बना रही थी। इससे परेशान होकर प्रेमी ने योजनाबद्ध तरीके से अपने एक दोस्त के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया।
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सीओ सगड़ी शीतला प्रसाद पांडेय के अनुसार गिरफ्तार आरोपी सुजीत राजभर और उसका दोस्त सूरज शर्मा अतरौलिया थाना क्षेत्र के केशवपुर गांव के निवासी हैं। 24 फरवरी को महाराजगंज थाना क्षेत्र के शिवपुर गांव के सिवान में गन्ने के खेत में हत्या कर युवती की लाश फेंकी मिली थी। शव के पास से वंदना का बैग बरामद हुआ। उसमें मिले कागजात के आधार पर उसकी पहचान हुई थी। हत्या का शक उसके प्रेमी पर था। गुरुवार को एसओ महाराजगंज विकास चंद्र पांडेय व उनकी टीम ने केशवपुर गांव में छापेमारी कर सुजीत और सूरज को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान सुजीत ने बताया कि उसका वंदना से प्रेम संबंध था। वह उसके बच्चे की मां बनने वाली थी, लेकिन घर वालों ने गर्भपात करा दिया। इसकी जानकारी वंदना के भाभी को थी। सुजीत और वंदना के संबंध की जानकारी होने पर दोनों के घर वालों को हुई तो वंदना की शादी तय कर दी गई। जबकि सुजीत का दूसरी युवती से प्रेम प्रसंग चलने लगा। सुजीत को अपने से दूर जाते देख वंदना उस पर शादी का दबाव बनाते हुए रुपये के लिए ब्लैकमेल करने लगी। इससे आजिज आकर सुजीत ने अपने दोस्त के साथ हत्या की योजना बनाई। 15 फरवरी को वो दोस्त के साथ बूढ़नपुर बाजार पहुंचा। वंदना को फोन कर उसे वहीं बुलाया। इसके बाद तीनों शिवपुर गांव पहुंचे। सुजीत ने सूरज को दूर खड़ा कर दिया जबकि वंदना और सुजीत गन्ने के खेत में चले गए। वहीं पर सुजीत ने गला दबाकर वंदना की हत्या कर दी।
काफी दिन होने से सड़ गई थी लाश
एसओ महाराजगंज ने बताया कि 15 फरवरी को ही हत्या कर लाश गन्ने के खेत में फेंकी गई थी। जिस समय घटना को अंजाम दिया गया, बारिश हो रही थी। खेत में लाश होने की वजह से जंगली जानवर चेहरे आदि को नोंच खाया था। लाश काफी पुरानी होने की वजह से सड़ गई थी। इससे लग रहा था कि उसके चेहरे को तेजाब या अन्य किसी ज्वलनशील पदार्थ डालकर जलाया गया है। वंदना की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी डाक्टरों ने भी ये माना कि चेहरे को जलाया नहीं गया बल्कि लाश काफी पुरानी होने की वजह से ऐसा हुआ।
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ऑनरकिलिंग का हो रहा था शक
बीए की छात्रा वंदना प्रजापति 15 फरवरी को अपने घर से गायब हुई थी और उसकी लाश 24 फरवरी को मिली थी। इतने दिनों तक गायब होने के बाद भी घर वालों की तरफ से थाने में कोई रिपोर्ट न दर्ज कराने से शक की सूई घरवालों पर घूम रही थी। पुलिस को शक था कि कहीं परिवार के लोगों ने ही वंदना की हत्या कर दी। हालांकि जांच के दौरान यह बात गलत साबित हुई। घर वालों के मुताबिक लोक लाज व वंदना की शादी तय हो जाने की वजह से उन्होंने पुलिस को सूचना दिए बगैर ही उसकी खोजबीन करने में जुटे हुए थे।
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