सगड़ी। तहसील क्षेत्र के जमसर (महादेवा) निवासी शंकर राम पुत्र स्व. रम्मत ने मंगलवार को एसडीएम सगड़ी से मिलकर न्याय की गुहार लगाई। साथ ही कार्रवाई के लिए शिकायती पत्र सौंपा। जिसमें आरोप है कि 20 हजार रुपये की रिश्वत लेने के बाद भी लेखपाल ने उसकी वरासत नहीं किया। उल्टे शिकायत करने पर तहसील परिसर में ही दौड़ा-दौड़ाकर पीटा है। मामला संज्ञान में आने पर एसडीएम सगड़ी ने पूरे मामले की जांच कर दोषी के विरुद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया है। शंकर द्वारा एसडीएम को दिए गए शिकायती पत्र के मुताबिक उसके पिता की मौत के बाद पूरी प्रापर्टी उसके नाम हो जानी चाहिए। इसके लिए वह गांव के लेखपाल से संपर्क किया। लेखपाल ने वरासत करने के बदले में 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी तो वह रुपये भी दे दिया, लेकिन अभी तक वरासत नहीं हुई। वरासत के लिए लेखपाल का चक्कर काटकर थक चुका शंकर मंगलवार को तहसील मुख्यालय पहुंचा। तहसील परिसर में ही उसे लेखपाल मिल गया। शंकर ने लेखपाल से कहा कि वरासत नहीं होगी तो रुपये वापस करो। इसी बात से नाराज होकर लेखपाल शंकर को तहसील परिसर में ही दौड़ाकर पीटने लगा। वहां मौजूद लोगों ने बची बचाव किया। एसडीएम सगड़ी पंकज कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि शंकर की शिकायत मिलने पर पूरे मामले की जांच कर दोषी के विरुद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।