आजमगढ़। मुबारकपुर थाना क्षेत्र के महरूपुर गांव निवासी किशोर संतोष यादव की हत्या में शामिल उसके बड़े भाई सिनोद की गिरफ्तारी होने और हत्या के कारण का पता चलने से हर कोई हैरान है। 17 दिन के भीतर दूसरी बार भाई जैसा पवित्र रिश्ता कलंकित हुआ। आशनाई के चक्कर में दोनों छोटे भाईयों की जिंदगी बलि चढ़ जाने से हर कोई दांतो तले अंगुली दबा लिया है।
घटनाक्रम पर गौर करें तो सात नवंबर को संतोष अपने घर से बाजार के लिए निकला था। रास्ते में उसका बड़ा भाई सिनोद उसे अपनी बाइक पर बैठा लिया। शहर कोतवाली के सखिया गांव में स्थित कुएं के पास उसे बैठाकर प्रेमिका से मिलने चला गया। खेत में दूसरी महिला के साथ संतोष ने अपने भाई को देख लिया। जिसका परिणाम रहा कि भाई ने गला दबाकर उसे मौत के घाट उतार कर लाश कुएं में फेंक दिया। सिनोद अपने भाई की हत्या में प्रेमिका के पति को फंसाना चाहता था। इस घटना के ठीक 17 दिन पूर्व 27 अक्तूबर की सुबह बरदह थाना क्षेत्र के नर्वे गांव निवासी बसपा नेता स्व. बलिहारी राम के छोटे बेटे अखिलेश गौतम की उसके बड़े भाई ने ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्या कर दी। अखिलेश एक दूसरी जाति की युवती से कोर्ट में शादी कर ली थी। लेकिन बड़े भाई अरविंद को यह गवारा ना था। इसके चलते उसने अखिलेश की गोली मारकर हत्या कर दी। अरविंद पहले पुलिस को उलझाने के लिए अपने विपक्षियों पर दाव खेला। लेकिन आंत में अरविंद का पूरा राज फास हो गया। 17 दिन के भीतर दूसरी बार पवित्र रिश्ता कलंकित होने से चर्चा का विषय बना है।