आग कआजमगढ़। नगर में मुकेरीगंज से भी बड़ी घटना होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। क्योंकि नगर में बिना मानक के बने शापिंग माल के भवन, अस्पताल और होटलों में आग से सुरक्षा के कोई उपाय नहीं किए गए हैं। अगर समय रहते इन पर लगाम नहीं लगाई जाती है तो कभी भी बड़ा हादसा होता है। जिला प्रशासन सबकुछ जानते हुए शांत बैठा है और अग्निशमन विभाग नोटिस जारी कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर रहा है।
समय के साथ जनपद में भी काफी बदलाव हुए लेकिन इसमें सुरक्षा मानकों का कोई ध्यान नहीं रखा है। मुकेरीगंज की घटना भी इसी का नतीजा है। अग्निशमन विभाग कई वर्ष पूर्व बने एनओसी की आफिस में बैठकर रीनिवल करता रहा। उसने दुकान तक पहुंचकर यह देखने की भी कोशिश नहीं की कि दुकान में क्या-क्या बदलाव हुए हैं। जिसका परिणाम है कि आज सात लोगों केे अपनी जान से हाथ धोना पड़ा और एक दर्जन लोग जीवन और मौत से संघर्ष कर रहे हैं। अभी मृतकों की संख्या में इजाफा होने की संभावना लगातार बनी हुई है। जिला प्रशासन और अग्नि शमन विभाग द्वारा शापिंग माल, अस्पताल और होटलों की ओर भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जबकि इन स्थानों पर हर समय सैकड़ों लोगों की मौजूदगी रहती है। इनके निर्माण में मानक की अनदेखी कर घनी आबादी के बीच इनका निर्माण तो करा लिया गया लेकिन इनमें सुरक्षा मानकों का ध्यान नहीं रखा गया है। अगर इस तरह की घटना इन स्थानों पर होती है मुकेरीगंज से भी बड़ी घटना हो सकती है। लेकिन प्रशासन की ओर से इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी सत्येंद्र पांडेय की मानें तो जिले में जनपद के 10 से 15 माल संचालकों को अग्नि संयंत्र न लगाने पर नोटिस जारी है। जनपद में दो-तीन होटल और लाज संचालकों को छोड़ दिया जाए तो किसी के पास एनओसी नहीं है। इन्हें नोटिस जारी की गई है।
मासूमों की जिंदगी से भी हो रहा खिलवाड़
आजमगढ़। जिले के बड़े विद्यालयों में भी अग्नि से सुरक्षा के कोई उपाय नहीं है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी सत्येंद्र पांडेय ने बताया कि जिले के दो से तीन मंजिला भवन वाले 10 से 15 विद्यालयों केे नोटिस जारी किया गया है। अब तक तीन से चार ही विद्यालय ऐसे हैं जिन्होंने विद्यालयों में सुरक्षा के उपाय किए है। उनका कहना है कि हम कार्रवाई नहीं कर सकते कार्रवाई करना प्रशासन का कार्य है।
नगर क्षेत्र में जितने भी शापिंग माल हैं उनकी जांच की जाएगी। अगर कहीं भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम नहीं हैं तो उन्हें हर हाल में इसकी व्यवस्था करनी होगी। अगर कोई ऐसा नहीं करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शिवाकांत द्विवेदी, डीएम