जौनपुर। जिले के शाहगंज थाना क्षेत्र के ढंढवारा खुर्द में विवाहिता की जलाकर हुई हत्या के आरोपी पति को अपर सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट अशोक कुमार ने मंगलवार को उम्रकैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाया।
शमशाद अहमद निवासी शाहगंज ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। अभियोजन के अनुसार वादी ने अपनी बहन शायरा बानो की शादी अबू मोहम्मद के साथ किया था। उसके तीन बच्चे थे।अबू मोहम्मद का किसी लड़की से अवैध संबंध था जिसे लेकर वादी की बहन से कहा सुनी होती थी और अबू मोहम्मद शायरा बानो को मारता पीटता था। वादी की बहन को रास्ते से हटाने के लिए 23 अक्टूबर 2011 को सुबह 7 बजे जब वह कमरे में बैठी थी तभी अबू मोहम्मद उस पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दिया तथा कमरा बंद कर दिया।जान बचाने के लिए वह चिल्लाने लगी।आसपास के लोग दौड़ कर दरवाजा खोले लेकिन तब तक वह पूरी तरह से जल चुकी थी।उसे इलाज के लिए जिला चिकित्सालय ले जाया गया जहां उसने मजिस्ट्रेट के समक्ष मृत्यु पूर्व बयान दिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल किया।कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी पति अबू मोहम्मद को हत्या का दोषी पाते हुए सजा सुनाया।
पत्नी की आत्महत्या पर पति को कैद
जौनपुर। नेवढिय़ा थाना क्षेत्र के परशुरामपुर गांव में विवाहिता को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण के आरोपी पति को अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम महेंद्र सिंह ने मंगलवार को 5 वर्ष कारावास व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाया। कोर्ट में घटना से मुकरने वाले मायके पक्ष के तीन गवाहों पर कोर्ट ने झूठी गवाही का वाद दर्ज कर नोटिस जारी किया।
वादिनी नजमा निवासी पट्टीराव थाना बक्सा ने नेवढ़िया थाने में प्राथमिकी दर्ज कराया था।वादिनी ने अपनी लड़की शाहजहां की शादी 7 जून 2015 को आशिक अली के साथ किया था।विवाह के बाद पति व ससुराल वाले दहेज की मांग को लेकर वादिनी की लड़की को प्रताड़ित करते थे। मांग पूरी न होने पर 5 सितंबर 2016 को शाहजहां को जहर पिला दिए। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल किया।कोर्ट में मृतका के मायके पक्ष के तीन गवाह समीजहां,नाजिया बेगम, शकील अहमद घटना से मुकर गए।कोर्ट ने आरोपी पति को आत्महत्या के दुष्प्रेरण का दोषी पाते हुए सजा सुनाया।
सगे भाइयों समेत पांच आरोपियों को सात वर्ष की कैद
जौनपुर। बदलापुर थाना क्षेत्र के तेरा गांव में 27 साल पूर्व जानलेवा हमला करने के आरोपी सगे भाइयों समेत पांच को अपर सत्र न्यायाधीश पंचम शाजिया नजर जैदी ने 7 वर्ष कारावास व जुर्माने की सजा सुनाया।
वादी भानु प्रकाश तिवारी के पिता तियरा बाजार के मेवालाल से 5 डिसमिल जमीन बैनामा लेकर अपना मकान बनवा कर रहते हैं। जिसमें वह दुकान भी चलाता है। मेवालाल के लड़के रमेश व कनिक लाल जमीन हड़पने के लिए वादी के खिलाफ मुकदमा किए हैं। इसी रंजिश को लेकर 8 फरवरी 1992 को 8 बजे रात जब वादी, केदारनाथ व सहदेव के साथ दुकान पर बैठा था।दुकान बंद करने जा रहा था कि अचानक रमेश कनिक व अन्य आरोपी लाठी, डंडा,चाकू लेकर एक राय होकर वादी की दुकान में घुस आए और जानलेवा हमला कर दिया। केदारनाथ ,अनिल व अन्य लोगों ने बीच बचाव किया।थाना व एसपी को दरखास्त के बावजूद सुनवाई नहीं हुई तब कोर्ट में परिवाद दायर किया।गवाहों के बयान के आधार पर कोर्ट ने आरोपियों को विभिन्न धाराओं में तलब किया।कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस व समस्त साक्ष्यों का परिशीलन करने के बाद पांच आरोपियों को हत्या के प्रयास का दोषी पाते हुए सजा सुनाया।