अहरौला। थाना क्षेत्र में नये वर्ष के बीते डेढ़ माह में ही चोरी की आधा दर्जन से अधिक घटनाएं घटी, जिसमें पांच घटनाओं में तो लाखों का माल चोरों ने पार किया। इसके बाद भी एक भी चोरी की घटना का अहरौला थाना पुलिस अब तक खुलासा नहीं करर सकी है। जिससे स्थानीय लोगों ने तो अब अहरौला पुलिस पर ही सवालिया निशान लगाना शुरू कर दिया है।
14 जनवरी को क्षेत्र के पक्खनपुर गांव निवासी मुसाफिर सिंह पुत्र रामरति सिंह के यहां सबसे बड़ी चोरी की घटना घटी। इस घटना में चोरों ने मुसाफिर सिंह के घर से एक लाख नकदी के साथ ही लगभग 15 लाख के जेवरात पर हाथ साफ कर दिया। चोरी की सूचना पर एसपी ग्रामीण के साथ ही फोरेंसिक टीम ने भी मशौका मुआयना किया, लेकिन अब तक इस चोरी की घटना का खुलासा कर पाने में अहरौला पुलिस नाकाम ही रही। 25 जनवरी को चोरों ने क्षेत्र के गोपालगंज बाजार में किराना और आयुर्वेदिक दवाओं के थोक विक्रेता प्यारेलाल गुप्ता के दुकन से ढाई लाख नकदी और आठ लाख का सामान उड़ा दिया। 28 जनवरी की रात चोर बांसथान गांव निवासी व सेवानिवृत्त सिपाही रामलाल राम पुत्र कुबेर के घर से लाखों के जेवरिात पार कर दिया। सुखीपुर गांव में ग्राम प्रधान विभा श्रीवास्तव के घर से ही चोरों ने सात लाख के जेवरात को उड़ा दिया। वहीं 17 फरवरी को लालसा यादव के घर पर चोरों ने धावा बोला और घर में रखे नकदी और लाखों के माल को पार कर दिया। क्षेत्र में चोरी की घटनाओं की बाढ़ सी आ गई है, लेकिन पुलिस की लापरवाही के चलते एक भी मामले का खुलासा अब तक नहीं हो सका है। लोगों ने तो अब अहरौला पुलिस पर ही सवालियां निशान लगाना शुरू कर दिया है।
ऐसा नहीं है कि चोरी की घटनाओं का खुलासा करने में पुलिस रूचि नहीं ले रही है। चोरी की सभी घटनाओं में पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत करने के साथ ही जांच-पड़ताल जारी रखा है। पूरा प्रयास है कि जल्द ही चोरी की घटनाओं का खुलास कर दिया जाए। वैसे पूरे क्षेत्र में चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है।
संतलाल यादव, क्षेत्राधिकारी बूढनपुर, आजमगढ़।